नई दिल्ली (राज्य ब्यूरो)। हार्ट अटैक के कारण प्रीत विहार निवासी 83 वर्षीय बुजुर्ग के हृदय में छेद हो गया। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके हृदय की दुर्लभ सर्जरी कर उन्हें जीवनदान दिया। छह घंटे तक चली इस सर्जरी के दौरान करीब दो घंटे उन्हें हार्ट लंग मशीन के सहारे रखा गया था। दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में अस्पताल के डॉक्टरों ने यह जानकारी दी। अस्पताल के डॉक्टर कहते हैं कि एक फरवरी को बुजुर्ग की सर्जरी की गई थी।

सर्जरी के बाद उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। करीब छह दिन बाद वह आइसीयू से बाहर आ गए थे। अस्पताल के कार्डियक सर्जरी विभाग के प्रमुख कंसलटेंट डॉ. गौरव महाजन ने कहा कि जब अस्पताल में बुजुर्ग को लाया गया था तो उनकी हालत बहुत खराब थी।

ब्लड प्रेशर बहुत कम था और सांस तेज चल रही थी, क्योंकि उनको गंभीर हार्ट अटैक हुआ था। इको जांच में पता चला कि हृदय के बायें वेंट्रिकल की झिल्ली में छेद हो गया था। इससे हृदय के अंदर रक्तस्त्राव होने से वह बेहोश हो गए थे।

तीन से चार फीसद मरीजों में ही यह बीमारी होती है। ऐसी स्थिति में मरीज का बच पाना मुश्किल होता है। करीब 89 फीसद मरीजों की घर में ही मौत हो जाती है। बुजुर्ग के परिजन अटैक आने के बाद जल्द ही उन्हें लेकर अस्पताल पहुंच गए थे।

इमरजेंसी में पहुंचने के 25 मिनट में उन्हें सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर में स्थानांतरित कर दिया गया। यहां हृदय के प्रभावित हिस्से पर दो पैच लगाकर ठीक किया गया। यह पैच सि‍ंथेटिक सामग्री अर्थात पॉलीटेट्राफ्लुओरोएथिलीन (पीटीएफई) का बना होता है। सर्जरी के एक सप्ताह बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

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