नई दिल्ली [गौतम मिश्रा]। बंगाल सरकार द्वारा जारी नए नियमों के तहत पांच जनवरी से अब सप्ताह में केवल दो दिन सोमवार व शुक्रवार को दिल्ली से बंगाल के शहरों के लिए उड़ानों का संचालन हो पाएगा।नए नियम से न केवल हवाई यात्रियों की बल्कि विमानन कंपनियों की भी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।टूर एंड ट्रेवल्स संचालकों का कहना है कि इस तरह के नियम से विमानन उद्योग पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, साथ ही टीकाकरण को लेकर जो लोगों का भरोसा कायम है, उसे लेकर भी लोग सवाल उठाएंगे।

एयरपोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल रोजाना करीब 40 फ्लाइट ऐसी हैं जो दिल्ली से सीधे कोलकाता, बागडोगरा व आसनसोल के लिए उड़ान भरती हैं। सीधी उड़ानों के अलावा यदि कनेक्टिंग फ्लाइट की बात करें तो करीब 150 विमान बंगाल से गुजरती हैं। रोजाना करीब 10 हजार यात्री बंगाल के लिए उड़ान भरते हैं।

नए नियम के बाद अब ऐसे विमान जिनका इस्तेमाल बंगाल के लिए सीधी भरी जाने वाली उड़ानों में किया जाता था, उन्हें अब सप्ताह के पांच दिन हैंगर में खड़ा करना होगा।सूत्रों का कहना है कि फिलहाल एकाएक कोई ऐसा हवाई मार्ग नहीं है, जिसपर विमानों की संख्या को फौरन बढ़ाकर विमानों का रोजाना इस्तेमाल किया जा सके। इसके लिए कई तरह की तकनीकी मंजूरी भी लेनी पड़ती है। विमानों को हैंगर में खड़ा करने से इसमें कार्यरत कर्मियों के रोजगार पर भी असर पड़ने की संभावना है।बता दें कि यह पहली बार नहीं जब इस तरह से दिल्ली व बंगाल के शहरों के लिए उड़ानों को सीमित किया गया है। इस पहले भी कोरोना की दूसरी लहर के बीच बंगाल सरकार ने दिल्ली और मुम्बई के साथ ही चार अन्य शहरों से आने वाली उड़ानों को हफ्ते में तीन दिन ही संचालन की अनुमति दी थी।

सीधे नहीं तो घूमकर यात्रा का विकल्प जेब पर पड़ेगा भारी

नए नियम के बाद दिल्ली से आप भले ही बंगाल के शहरों के लिए सीधी फ्लाइट रोजाना नहीं ले सकते लेकिन हवाई यात्रियों के पास एक विकल्प इस बात का भी है वे बंगाल के शहरों तक पहुंचने के लिए पहले दूसरे राज्यों में स्थित नजदीकी एयरपोर्ट पर पहुंचे और फिर वहां से कोलकाता, बागडोगरा या आसनसोल की फ्लाइट लें। लेकिन इसमें यात्रियों को किराए के तौर पर मोटी रकम खर्च करनी होगी और इसमें समय भी अधिक लगेगा।

पहले से बुक टिकट को मिलेंगे विकल्प

ऐसे यात्री जिन्होंने बंगाल के शहरों के लिए पहले से टिकट बुक कराया है, यदि वे चाहें और सीट उपलब्ध हो तो वे यात्रा के लिए बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के नई यात्रा का दिन तय कर सकते हैं। टिकट रद्द होने की स्थिति में यात्री से भाड़े के तौर पर ली गई रकम में कटौती नहीं की जाएगी।

बढ़ सकता है किराया

जब सीटें कम हों और यात्रियों की संख्या ज्यादा हो तो इसका असर टिकट की कीमत पर पड़ना लाजिमी है।हवाई यातायात से जुड़ी एजेंसियों का कहना है कि संभव है बंगाल के लिए टिकटों की कीमत में 70 से 80 फीसद का इजाफा हो सकता है। अभी कोलकाता के लिए करीब छह हजार रुपये अदा करने पड़ते हैं।

इंडियन एसोसिएशन आफ टूर एंड ट्रेवल्स के प्रेसीडेंट राजीव मेहरा ने बताया कि टीके की डबल डोज, एयरपोर्ट पर होने वाली स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधा के बावजूद बंगाल सरकार द्वारा दिल्ली से संचालित हो रही विमानों पर प्रतिबंध की बात समझ से परे है। इससे टूर एंड ट्रेवल्स क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होगा। कोरोना महामारी के दौर में यह क्षेत्र पहले से ही प्रभावित है।

ज्ञान गौरव एक्जीबिशन सर्विसेज के निदेशक रमेश सिंह ने कहा कि उन्हें कारोबार के सिलसिले में कई बार अचानक कोलकाता की यात्रा करनी पड़ती है। नए प्रतिबंध के बाद अब मेरे पास इंतजार करने या ट्रेन से यात्रा का ही विकल्प शेष रहेगा।जरूरत पड़ने पर समय से नहीं पहुंचने का असर कारोबार पर सीधा पड़ेगा। बंगाल सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध चिंताजनक हैं।

Edited By: Mangal Yadav