नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना) ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की मांग की है। शिअद सरना के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि सिरसा के खिलाफ डीएसजीएमसी के फंड के दुरुपयोग का आरोप है। उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करके देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। अब उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

अदालत को गुमराह कर जारी कराया गया लुकआउट नोटिस

वहीं, डीएसजीएमसी ने आरोप लगाया है कि अदालत को गुमराह करके लुक आउट नोटिस जारी कराया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि डीएसजीएमसी के अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप के कारण देश छोड़ने पर रोक लगाई गई है। उन्हें खुद पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में शिरोमणि अकाली दल (शिअद बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अध्यक्ष जागीर कौर और अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह चुपी साधे हुए हैं। लगभग दो वर्ष पहले उन्होंने अकाल तख्त के जत्थेदार से मिलकर डीएसजीएमसी में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। उन्होंने कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया।

संगत को उपलब्ध नहीं करायी जा रही निष्पक्ष जानकारी

पार्टी के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा डीएसजीएमसी के किसी भी कार्य की निष्पक्ष जानकारी संगत को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इस मौके पर महासचिव हरविंदर सिंह सरना और इस मामले को लेकर अदालत में याचिका दायर करने वाले भुपिंदर सिंह भी मौजूद थे। वहीं, डीएसजीएमसीके कानूनी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जगदीप सिंह काहलों ने आरोप लगाया कि भुपिंदर सिंह ने झूठ बोलकर अदालत को गुमराह किया है। उनके खिलाफ अदालत ने नोटिस जारी करके 18 अगस्त तक जवाब देने को कहा है।

Edited By: Prateek Kumar