नई दिल्ली, पीटीआई। दिल्ली में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और आम आदमी पार्टी सरकार के बीच तनातनी जारी है। इस बीच, आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने आज मंगलवार को सिलसिलेवार कई ट्वीट कर एलजी पर आरोप लगाया कि वह अभियोजन मंजूरी जारी करने में दिल्ली सरकार को दरकिनार कर रहे हैं। हर मामले में दिल्ली सरकार को दरकिनार करने से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां गंभीर अपराध करने वाले आरोपित छूट सकते हैं।

"छूट सकते हैं गंभीर अपराध करने के आरोपित"

उन्होंने कहा, "हर मामले में दिल्ली की चुनी हुई सरकार को दरकिनार करने के एलजी के अति-उत्साह ने एक संकट की स्थिति पैदा कर दी है, जिसमें राज्य के खिलाफ गंभीर अपराध करने के आरोपित छूट सकते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि एलजी ने "निर्वाचित सरकार को दरकिनार करते हुए अवैध अभियोजन प्रतिबंध" जारी किए हैं।

सिसोदिया ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 196 (1) के तहत, राज्य सरकार से अभियोजन के लिए वैध मंजूरी कुछ अपराधों के लिए एक शर्त है। इसमें अभद्र भाषा, धार्मिक भावनाओं को आहत करना, घृणा अपराध, राजद्रोह, राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना और दुश्मनी को बढ़ावा देने जैसे अपराध शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह निर्वाचित सरकार है जिसे धारा 196 (1) सीआरपीसी के तहत मुकदमा चलाने के लिए वैध मंजूरी जारी करने के लिए कार्यकारी शक्तियों का प्रयोग करना है, और माननीय उपराज्यपाल मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह से बंधे होंगे।

Edited By: Abhishek Tiwari

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट