नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। सीमापुरी इलाके में रविवार रात दुकान से गुटखा खरीदने के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गुटखा खरीद रहे युवक का दुकानदार व उसके भतीजे से विवाद हो गया। युवक ने अपने दोस्तों को फोन करके मौके पर बुलाया और उनके साथ मिलकर उनकी पिटाई कर दी। दुकानदार ने मारपीट कर रहे एक युवक के सीने में कैंची घोंप दी। दोस्त उसे बचाने के लिए आगे आया तो उसके पेट में भी कैंची मार दी। वारदात के बाद दुकानदार और उसके सहयोगी फरार हो गए। दोनों युवकों को गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डाक्टरों ने शुएब को मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल सुहैल का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने आरोपित दुकानदार नर सिंह, उसके भतीजे हेमंत और उसके दाेस्त आमिर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कैंची भी बरामद कर ली है। पुलिस हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच कर रही है।

जिला पुलिस उपायुक्त आर सत्यसुंदरम ने बताया कि रविवार रात 11:21 बजे जीटीबी अस्पताल से सूचना मिली कि दो युवक घायल हालत में अस्पताल में आएं हैं।

पुलिस टीम मौके पर पहुंची। डाक्टरों ने पुलिस को बताया कि गाजियाबाद के शहीद नगर के रहने वाले शुएब की मौत हो गई है, पुरानी सीमापुरी के रहने वाले सुहैल की हालत गंभीर है। अस्पताल में पुलिस को शुएब के दो दोस्त सुभान व अनीस मिले। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका दोस्त समीर पुरानी सीमापुरी की एक दुकान पर गुटखा खरीदने गया था। दुकान पर दुकानदार सर सिंह व उसका भतीजा हेमंत थे। आरोप है हेमंत ने सीमर के कंधे पर हाथ रखकर कहा अभी तुम बच्चे हो, इसी बात पर समीर की उससे कहासुनी हो गई।

समीर ने फोन करके दोस्तों को बुलाया। कुछ देर में सुहैल, शुएब, अरशद, अनीस व सुभान दुकान पर पहुंचे, उस दौरान दुकानदार अपने भतीजे और उसके दोस्त आमिर के साथ शराब पी रहा था। समीर ने दोस्तों के साथ मिलकर हेमंत को पीटना शुरू कर दिया। नर सिंह और आमिर ने हेमंत को बचाने की कोशिश की, लेकिन युवक उसे पीटते रहे। गुस्से में नर सिंह ने दुकान से कैंची उठाई और शुएब के सीने में घोंप दी। वारदात के बाद आरोपित फरार हो गए।

थानाध्यक्ष विनय यादव के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने सीमापुरी से ही तीनों को दबोच लिया। नर सिंह कई वर्ष पहले पुलिस के लिए मुखबिर का काम करता था। वर्ष 2013 में झगड़े के दौरान उसने गोली में गोली चलाई थी।

Edited By: Mangal Yadav