नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। द्वारका नार्थ थाना क्षेत्र में एक आटो चालक की गर्दन पर चाकू से वार कर हत्या कर दी गई। मृतक का नाम अनार सिंह है। इनकी हत्या तब हुई जब ये मुनिरका से सवारी लेकर द्वारका आए थे। आशंका है कि सवारी ने ही इनकी हत्या की और फरार हो गए। मौके पर मिले साक्ष्यों से लूटपाट की संभावना सामने नहीं आ रही है। आशंका है कि आरोपित ने किसी रंजिश से इनकी हत्या की है। पोस्टमार्टम के बाद शव पीड़ित पक्ष को सौंप दिया गया है। पुलिस ने हत्या की धारा में प्राथमिकी कर छानबीन शुरू कर दी है।

देर रात मिली सूचना

पुलिस को मामले की सूचना एक राहगीर से मिली। देर रात करीब दो बजे राहगीर ने पुलिस को काल कर बताया कि एक आटो चालक को दो लड़कों ने चाकू मार दिया है। खून भी बहुत निकल रहा है। काल पर मौजूद पुलिसकर्मी ने जब सूचना देने वाले से आरोपितों के बारे में कुछ और जानकारी देने को कहा तो कालर ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ये लड़के कौन हैं। कालर ने घटनास्थल का पता पुलिस को बता दिया।

सूचना मिलने के बाद सेक्टर-3 स्थित डीडीयू कालेज के सामने पुलिस की टीम पहुंची। इससे पहले कि यहां पुलिस पहुंचती घायल को एक व्यक्ति पास ही स्थित तारक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने आटो चालक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो पाया कि नेताजी सुभाष अपार्टमेंट के सामने फुटपाथ पर कई जगह खून बिखरा था। मौके पर क्राइम टीम बुलाई गई ताकि साक्ष्यों को सुरक्षित रखकर जांच की जा सके।

मौके पर खड़ा था आटो

अनार सिंह का आटो घटनास्थल के पास ही था। पुलिस को अनार सिंह से एक पर्स मिला, जिसमें करीब 1100 रुपये, ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य कागजात थे। इन कागजातों के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान की और मामले से स्वजन को अवगत कराया।

मुनिरका से लेकर निकले थे सवारी

मामले की जानकारी जब आटो चालकों को मिली तो आसपास मौजूद आटो चालक घटनास्थल पर पहुंचने लगे। आटो चालकों ने पुलिस को बताया कि देर रात उन्होंने अनार सिंह को मुनिरका के नजदीक ही सवारी बैठाते देखा है। इससे यह पता चल गया आरोपित मुनिरका से आटो पर सवार हुए थे।

हत्या का कारण नहीं अज्ञात

पुलिस के अनुसार आटो चालक की हत्या क्यों की गई, इसे लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। लेकिन घटना के तरीके से यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है। लूटपाट का अगर मामला होता तो आटो व पर्स की बरामदगी नहीं होती। आपसी रंजिश किस बात को लेकर हो सकती है इसे लेकर पुलिस पीड़ित पक्ष के सदस्यों से जानकारी एकत्रित करने में जुटी है। अनार सिंह के मोबाइल के काल डिटेल को पुलिस खंगाल रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को पुलिस खंगाल रही है ताकि दोनों आरोपितों की पहचान की जा सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ जानकारी हाथ लगी है लेकिन जांच के इस स्तर पर कुछ भी कहना सही नहीं होगा। अनार सिंह अपनी पत्नी व तीन बच्चों के साथ मुनिरका में रहते थे और अक्सर देर रात ही सवारी के लिए निकलते थे।

आटो संघ नाराज

मामले की जानकारी मिलने के बाद आटो संघ के सदस्य द्वारका पहुंचे। यहां सभी ने पुलिस अधिकारियों से बात कर आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इनकी मांग थी कि इस बात का पता जल्द से जल्द सामने आना चाहिए कि आखिर इनकी हत्या क्यों की गई। आटो चालक सवारियों को पूरी रात ढोते हैं। ऐसे में जानमाल की सुरक्षा की चिंता सभी को रहती है। खासकर द्वारका सेक्टर 17 व आसपास कई बार आटो चालकों को निशाना बदमाशों ने बनाया है। इस इलाके में गश्त पर जोर दिया जाना चाहिए। मूल रूप से अनार सिंह उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिला स्थित रुई गांव के रहने वाले थे। इनका शव अंतिम संस्कार के लिए इनके गांव ले जाया गया है। 

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Edited By: Abhishek Tiwari

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