नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किए जा रहे लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में स्मार्ट पोल में पैनिक बटन लगाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। ऐसा लगता अब निकाय इरादा ही नहीं है। आलम यह है कि घोषणा को तीन साल बीत गया है। स्मार्ट पोल में महिला सुरक्षा की दृष्टि से यह पैनिक बटन लगने थे। ताकि किसी भी असहज स्थिति में महिलाएं इस बटन को दबाकर आपातकालीन सहायता ले सके।

दरअसल, वर्ष 2019 के बजट में नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के तत्कालीन चेयरमैन नरेश कुमार ने महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन की सुविधा को बड़ा कारगर बताया था। राजधानी में महिलाओं के प्रति अपराध को कम करने और उनको सहायता देने के लिए इस बटन की आवश्यकता पर जोर दिया था। चेयरमैन की योजना के तहत इन बटन को एनडीएमसी क्षेत्र में लगे स्मार्ट पोल में लगाया जाना था।

वर्तमान में लगे 55 स्मार्ट पोल में तो यह भी नहीं पाया बल्कि स्मार्ट पोल की संख्या का विस्तार तक नहीं हो पाया। जबकि पूरे एनडीएमसी क्षेत्र में यह स्मार्ट पोल लगाए जाने थे। नरेश कुमार ने चेयरमैन रहते स्मार्ट सड़क, सोलर ट्री, कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पर काम शुरू कराया था। जुलाई 2019 में बतौर मुख्य सचिव उनका स्थानांतरण अरुणाचल प्रदेश में हो गया था। इसके बाद से एनडीएमसी चेयरमैन की जिम्मेदारी धर्मेंद्र संभाल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने देशभर में 100 स्मार्ट सिटी विकसित करने की घोषणा की थी, इसमें एनडीएमसी क्षेत्र को भी शामिल किया गया था। संसद भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री का आवास के अलावा सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के सिवाय राज्यों के भवन और दूसरे देशों के दूतावास भी इस क्षेत्र में ही है।

एक स्मार्ट पोल, फायदे अनके

एनडीएमसी ने स्मार्ट पोल लगाए थे। पहले चरण में 55 स्मार्ट पोल कनाट प्लेस, बाराखंभा रोड व जनपथ रोड जैसे स्थान पर लगाए गए थे। एनडीएमसी ने इन पोल को खूब प्रचारित भी किया था। इन स्मार्ट पोल में स्ट्रीट लाइट की सुविधा तो है ही बल्कि सीसीटीवी कैमरा, वाई-फाई और वायु प्रदूषण को मापने के उपकरण भी लगे हैं। इसलिए एनडीएमसी ने इन पोल को लगाया था।

अधिकारियों ने साधी चुप्पी

महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन की योजना का क्या हुआ इस सबंध में जब एनडीएमसी से जवाब मांगा गया तो एनडीएमसी ने चुप्पी साध ही। एनडीएमसी चेयरमैन धर्मेंद्र को इस सबंध में मैसेज के जरिए जवाब मांगा तो उनका कोई उत्तर नहीं मिला। वहीं, जनसंपर्क विभाग ने भी कोई जवाब नहीं दिया।

Edited By: Prateek Kumar