नोएडा [धर्मेंद्र चंदेल]। गौतमबुद्धनगर में लोकसभा चुनाव का डंका बजते ही राजनीति के महारथियों में टिकट को लेकर घमासान मच गया है। भाजपा से गृहमंत्री राजनाथ सिंह के गौतमबुद्धनगर से चुनाव लड़ने की अटकलों से सियासत गरमा गई है। बसपा-सपा गठबंधन व कांग्रेस भी टिकट बंटवारे की कलह से अछूते नहीं हैं। दो दिन बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहले ही चरण में 11 अप्रैल को चुनाव होगा, लेकिन अंदरुनी कलह की वजह से ये दोनों दल भी अपने प्रत्याशी घोषित नहीं कर सके हैं। हालांकि, बसपा ने सत्यवीर नागर को प्रभारी घोषित कर रखा है। एक-दो दिन में उन्हें प्रत्याशी घोषित करने की संभावना है, लेकिन टिकट के अन्य दावेदारों ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। उन्होंने टिकट के लिए एडीचोटी का जोर लगा रखा है।

बसपा-सपा गठबंधन की वजह से इस बार प्रदेश में इस बार मुख्य रूप से तीन दलों के बीच ही मुकाबला होगा। गौतमबुद्धनगर में भी बसपा-सपा गठबंधन, भाजपा व कांग्रेस के बीच टक्कर होगी। तीनों ही दलों में लोकसभा सीट के टिकट को लेकर इस समय घमासान मचा हुआ है। भाजपा से मौजूदा सांसद व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा का टिकट तय माना जा रहा था। वे पिछले लंबे समय से चुनाव प्रचार में भी लगे हुए थे।

नौ मार्च को ग्रेटर नोएडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से साफ हो गया था कि महेश शर्मा ही प्रत्याशी होंगे, लेकिन बुधवार को अचानक गृहमंत्री राजनाथ के गौतमबुद्धनगर से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों से सियासत गरमा गई। समाचार पत्रों से लेकर सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरफ फैली। इससे भाजपा में घमासान शुरू हो गया।

कुछ लोगों ने जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने की वकालत करते हुए सोशल मीडिया पर सदेंश डाले। इसके बाद महेश शर्मा के समर्थक भी टिकट बदलने के विरोध में आ गए। टिकट बदलने की चर्चाओं के बावजूद महेश शर्मा ने अपना प्रचार जारी रखा। दिनभर सोशल मीडिया पर घमासान जारी रहा। हालांकि, बृहस्पतिवार शाम को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीड़िया के माध्यम से साफ कर दिया कि वे लखनऊ से ही चुनाव लड़ेंगे। इसके बाद महेश शर्मा के समर्थकों ने चैन की सांस ली। अब उनका गौतमबुद्धनगर से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।

बसपा-सपा गठबंधन में भी जारी है टिकट की लड़ाई

गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट बसपा के खाते में गई है। बसपा ने अट्टा नौरंगपुर के रहने वाले युवा नेता सत्यवीर नागर को प्रभारी घोषित कर रखा है। उन्हें एक-दो दिन में प्रत्याशी घोषित कर दिया जाएगा। बावजूद इसके टिकट का घमासान थमा नहीं है। कई नेता अभी भी टिकट हासिल करने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। भाजपा से एक सांसद भी अपने बेटे को बसपा के टिकट पर यहां से लड़ाना चाहते हैं। एक पूर्व विधान परिषद सदस्य भी टिकट की जुगात लगा रहे हैं। सपा के कई नेता भी बसपा के टिकट चुनाव लड़ने की जुगात लगा रहे हैं।

कांग्रेस में भी टिकट को लेकर मारामारी

कांग्रेस भी टिकट को लेकर मारामारी चल रही है। स्थानीय नेताओं ने पार्टी को चेतावनी दी है कि यदि बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

Posted By: JP Yadav

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