नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Coronavirus, Lockdown Extension: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे एक पत्र में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कोरोना वायरस के वर्तमान हालात के मद्देनजर लॉकडाउन की अवधि को 30 अप्रैल तक बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के कारोबारी नेताओं के बीच कराए गए कैट के सर्वेक्षण में यह राय निकली है। इसमें व्यापारी नेताओं ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय आपदा के वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह उचित होगा की सरकार लॉकडाउन की अवधि को 30 अप्रैल तक बढ़ाए। जिससे कोरोना से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या पर काबू पाया जा सके।

कैट ने प्रधानमंत्री को आश्र्वासन दिया कि व्यापारी इस घातक बीमारी से निपटने के लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और भारत इस आपदा से निपटने में अवश्य विजयी होगा।

प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि घातक कोविड -19 मानवता के लिए एक बड़ी चुनौती है और दुनिया भर में सबसे समृद्ध राष्ट्रों में कोरोना ने भयंकर विनाश किया है, जबकि भारत में केंद्र सरकार व सभी राज्य सरकारों की सजगता से स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। हालांकि नागरिकों के गैर-जिम्मेदार व्यवहार के कारण कोरोना वायरस का मामला दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस महामारी के लिए अर्थव्यवस्था का सबसे कमजोर वर्ग भारत के छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी होंगे, जिनके पास लॉकडाउन अवधि का सामना करने के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं हैं। लॉकडाउन की वजह से देश के व्यापारियों को अनेक आर्थिक एवं वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा फिर भी पिछले एक सप्ताह में भारत में कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए और इस बीमारी से निपटने और इसके सामुदायिक संक्त्रमण को रोकने के लिए सरकार के समग्र प्रयास में देश का व्यापारी वर्ग मुस्तैदी और एकजुटता से सरकार के साथ खड़ा है।

प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को कैट ने एक ज्ञापन पहले से ही भेजा है, जिसमें व्यापारियों के लिए विशिष्ट आर्थिक राहत की मांग की गई है।

Posted By: JP Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस