नई दिल्ली, जेएनएन। पटाखों की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने पटाखा कारोबारियों को लाइसेंस जारी करने को लेकर विचार-विमर्श करना शुरू कर दिया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लाइसेंसिंग विभाग की अध्यक्षता में मंगलवार को आला अधिकारियों की डिफेंस कॉलोनी स्थित कार्यालय में बैठक हुई।

लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे कारोबारी 
बैठक में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशानुसार कारोबारियों को लाइसेंस जारी करने की शर्तों को लेकर रणनीति तय की गई। माना जा रहा है जल्द दिल्ली पुलिस का लाइसेंसिंग विभाग शर्तोंं से संबंधित विज्ञापन जारी करेगा। उसके बाद पटाखा कारोबारी स्थायी व अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे।

लोग चोरी छिपे बेचने लगे पटाखे 
दिल्ली फायर व‌र्क्स ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैन का कहना है कि दिल्ली में करीब 200 कारोबारियों को पटाखे की स्थायी दुकानों के लाइसेंस थे। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने पर दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग ने दिल्ली की स्थायी दुकानों के लाइसेंस को भी रद कर दिया था। जिसके बाद दिल्ली में चोरी छिपे लोग पटाखा बेचने लगे थे। पुलिस को सूचना मिलने पर सभी जिले में पुलिस ने धरपकड़ की कार्रवाई शुरू कर दी थी। पूरी दिल्ली में करीब 50 लोग चोरी छिपे पटाखा बेचते पकड़े गए थे। 

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लाइसेंस में 50 फीसद की कटौती
राजीव जैन का कहना है कि हर साल करीब 1000 से अधिक कारोबारियों को पटाखा बेचने के अस्थायी लाइसेंस दिए जाते थे। पिछले साल दिल्ली पुलिस ने लाइसेंस में 50 फीसद कटौती करते हुए करीब 400 कारोबारियों को लाइसेंस जारी किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते ही उनके लाइसेंस भी रद कर दिए गए थे।

1000 से अधिक अस्थायी कारोबारियों को जारी हो सकता है लाइसेंस
लाइसेंसिंग विभाग ने पिछले साल एक भी स्थायी व अस्थायी कारोबारियों को लाइसेंस नहीं दिया था। इस साल प्रतिबंध हटा लेने से लाइसेंसिंग विभाग 1000 से अधिक अस्थायी कारोबारियों को 22 दिनों के लिए लाइसेंस जारी कर सकती है।

तमिलनाडु से आते हैं पटाखे 
पुलिस का कहना है कि एक थानाक्षेत्र में अधिकतम पांच से छह कारोबारियों को लाइसेंस दिया जाता है। बड़े कारोबारी तमिलनाडु के शिव काशी से थोक में पटाखा मंगाते हैं। दिल्ली में कारोबारी अधिकतर गुरुग्राम के बसई रोड व गाजियाबाद से भी पटाखा मंगाते हैं।

उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई 
सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली के दिन शाम 8 से 10 बजे तक ही पटाखा जलाने की समय सीमा निर्धारित की है। उक्त आदेश पर पुलिस अधिकारी का कहना है कि आदेश का उल्लंघन करने पर दिल्ली पुलिस आइपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई करेगी। यह धारा जमानती है, लेकिन इसमें तीन साल तक कारावास की सजा का प्रावधान है। यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।

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