नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। कोरोना के नए स्ट्रेन ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें उपराज्यपाल ने कोरोना के नए स्ट्रेन से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और उच्च जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों को इस खतरे से निपटने के लिए हर तरह की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है। ताकि, मरीज बढ़ने पर बेड या आक्सीजन की समस्या न होने पाए।

दिल्ली के मुख्य सचिव को नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों और मंत्रालयों के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया है। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन, कैलाश गहलोत, डा. वी के पाल और एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया मुख्यरूप से शामिल थे।

उपराज्यपाल ने बैठक में कहा कि कोरोना की वर्तमान स्थिति, जांच की गति और कंटेनमेंट जोन बनाने के साथ स्वास्थ्य विभाग का तैयारी और टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाए। इसके साथ ही मास्क व शारीरिक दूरी सहित कोरोना के अन्य नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपराज्यपाल ने कहा कि जिन देशों में नया स्ट्रेन पाया गया है, वहां से दिल्ली आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच की जानी चाहिए। अगर कोई यात्री कोरोना पाजिटिव पाया जाता है, तो उसकी जीनोम सीक्वेंसिंग की जानी चाहिए और ऐसे मरीज को तत्काल क्वारंटाइन किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवा और आक्सीजन का भी इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए। डेंगू के लिए आरक्षित बेड फिर कोविड बेड में बदले जाएंगे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही डेंगू के लिए आरक्षित बेड को फिर से कोरोना बेड में बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अप्रैल-जून में कोविड की दूसरी लहर के अनुभव को देखते हुए तैयारी कर रही है। अस्पताल के बिस्तरों की उपलब्धता को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि टीकाकरण की भी गति बढ़ाई जा रही है।

Edited By: Mangal Yadav