रेवाड़ी [जेएनएन]। आधुनिकता की दौड़ व फिगर के चिंता करते हुए महिलाएं बच्चों को स्तनपान कराने तक से परहेज करने लगी हैं। महिलाओं की यह सोच उनके शरीर के लिए खासी खतरनाक साबित हो सकती है। चिकित्सकों का मानना है कि कम स्तनपान कराने से ही महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

ऐसी महिलाओं की तादाद भी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, जो इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रही हैं। महिलाओ में तेजी से बढ़ रही इस बीमारी को लेकर वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहनलाल ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत की।

गांठ ही आगे चलकर कैंसर बन जाती है

डॉ. मोहनलाल की मानें तो बेशक हर गांठ कैंसर की नहीं होती, लेकिन महिलाओं को होने वाली गांठ खतरनाक भी हो सकती है, इसलिए समय पर इसकी जांच करा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं अपने बच्चों को स्तनपान कराने से ही परहेज करने लगी हैं जिससे दूध इकट्ठा हो जाता है और गांठ पड़नी शुरू हो जाती है। इस तरह की गांठ ही आगे चलकर कैंसर बन जाती है। उन्होंने कहा कि इसके विपरित अपने बच्चों को पर्याप्त समय तक स्तनपान कराने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा न के बराबर रह जाता है।

तंबाकू सबसे हानिकारक, साथ बैठने वाला भी बचे

डॉ. मोहनलाल के अनुसार कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को पनपने से रोकने के लिए तंबाकू के सेवन पर नियंत्रण रखना एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, सुपारी, शराब और जंक फूड जैसी चीजें हमारे लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी हैं। लेकिन अगर आप इन चीजों का सेवन नहीं करते हैं, तो कैंसर को होने से रोक सकते हैं। कई अध्ययन और शोध ने प्रमाणित हो चुका है कि सिगरेट और बीड़ी में चार हजार तरह के केमिकल होते हैं। इनमें 60 कैमिकल ऐसे हैं, जो सीधे कैंसर जैसी बीमारी को बढ़ावा देते हैं। 

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By Amit Mishra