यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सर्जिकल स्ट्राइक पर नेताओं ने मांगे सबूत, 22 मार्च को होगी सुनवाई
छह आरोपियों ने पीओके में हुई सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर देश और सेना के सम्मान को ठेस पहुंचाया है।

नई दिल्ली [जेएनएन]। सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने वालों के खिलाफ अब अगले माह सुनवाई होगी। इस मामले की शिकायत जगतपुरी इलाके में दी गई थी, जिसपर सुनवाई न होने पर कड़कड़डूमा कोर्ट में शिकायत याचिका भी लगाई गई थी। मामले में छह लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह, संजय निरुपम, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कपिल मिश्रा और अभिनेता ओमपुरी के नाम शामिल थे।
ओमपुरी के निधन के बाद अब बाकी पांच आरोपियों के विरुद्ध मामला चल रहा है। अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी गगनदीप सिंह के समक्ष सुनवाई के दौरान पुलिस ने मामले को अपने क्षेत्राधिकार में नहीं आने की दलील दी। वहीं, शिकायतकर्ता प्रवेश कुमार की ओर से वकील रक्षपाल सिंह एवं संजीव कुमार शुक्ला ने कहा कि नियमानुसार ऐसे मामलों की सुनवाई देश के किसी भी कोने में हो सकती है, ऐसे में पुलिस की दलील व्यर्थ है।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने इस मुद्दे पर बहस के लिए 22 मार्च की अगली तारीख निश्चित कर दी।
याचिका में बताया गया कि सभी छह आरोपियों ने पीओके में हुई सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर देश और सेना के सम्मान को ठेस पहुंचाया है। ऐसे में उनपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जिसपर कोर्ट ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी।
नामचीन हस्तियों पर संगीन आरोप थे कि उन्होंने सेना की कार्रवाई को फर्जी, राजनीति से प्रेरित और सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ उठाने की मंशा बताकर सेना व देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है, जो भारतीय कानून में एक दंडनीय अपराध है।
