नई दिल्ली [धनंजय मिश्रा]। देश की राजधानी दिल्ली में घरेलू सहायकों, कर्मचारियों व किरायेदारों को सत्यापन नहीं कराना काफी खतरनाक साबित होता जा रहा है। ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिसमें पुलिस से बिना सत्यापन कराए घरेलू सहायक, कर्मचारी व किरायेदारों को रखा जा रहा है। बाद में उन्हीं के द्वारा बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम दे दिया जाता है। बृहस्पतिवार को वजीराबाद थाना पुलिस द्वारा मालिक के पैसे हड़पने के लिए झूठी लूट की योजना बनाने में पकड़े गए दीपक से पूछताछ में पता चला कि वह अपने मालिक के यहां पांच से छह वर्ष से काम कर रहा था, लेकिन उसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। उस पर पूर्व में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।

वहीं, दिल्ली पुलिस एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस लोगों बार-बार सत्यापन करने के लिए अपील करती हैं लेकिन लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। अभी बुधवार को पूर्वी दिल्ली इलाके में एक घरेलू सहायक ने अपने मालिक के बच्चे का अपहरण कर फिरौती मांगी थी। उसका भी पुलिस से सत्यापन नहीं कराया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सत्यापन के लिए आवेदन पत्र दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है साथ ही थानों और पुलिस चौकी में भी उपलब्ध है।

सागर सिंह कलसी (उपायुक्त उत्तरी जिला, दिल्ली) का कहना है कि सत्यापन न करने वाले लोगों के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। सत्यापन कराने के लिए समय-समय शिविर का आयोजन किया जाता है। लोगों से अपील है कि सत्यापन कराने में ढिलाई बिल्कुल न करें। 

पूर्व में हुई वारदातें

  • 10 मार्च को ग्रेटर कैलाश इलाके में घरेलू सहायक ने मालिक के घर से लाखों के गहने चोरी कर लिए। इसे भी वारदात के कुछ दिन पहले रखा गया था।
  • 15 सितंबर को पीतमपुरा में कारोबारी की पत्नी को बंधक बनाकर लूटपाट की गई। एक सप्ताह पहले रखे गए घरेलू सहायक ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
  • 20 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली इलाके में घरेलू सहायक ने मालिक के बेटे का अपहरण कर एक करोड़ 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
  • 21 अक्टूबर को वजीराबाद इलाके में मालिक के पांच लाख रुपये हड़पने के लिए घरेलू सहायक ने लूट की झूठी कहानी गढ़ी।

कार्रवाई भी की गई

दिल्ली पुलिस द्वारा घरेलू सहायकों व किरायेदारों का सत्यापन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। उत्तरी जिले में इस वर्ष 31312 घरेलू सहायकों का सत्यापन किया गया है। इनमें 531 मालिकों के खिलाफ सत्यापन नहीं कराने पर एफआइआर भी दर्ज किया है। वहीं 17,874 किरायेदारों का सत्यापन किया गया इनमें 350 कमान मालिकों के खिलाफ सत्यापन नहीं कराने पर एफआइआर दर्ज किया है।

Edited By: Jp Yadav