नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) पूरी तरह से इलेक्टि्रक वाहन अपनाने वाला राष्ट्रीय राजधानी का पहला सरकारी निकाय बन गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। दिल्ली इलेक्टि्रक व्हीकल पालिसी 2020 के मुताबिक दिल्ली सरकार के सभी विभागों को लीज माडल के जरिये इलेक्टि्रक वाहनों की ओर बढ़ना है। इस कड़ी डीपीसीसी ने पांच साल की अवधि के लिए 29 टाटा नेक्सन इलेक्टि्रक कारों को किराये पर लिया है, जो पूरी तरह से हरे वाहनों को अपनाने वाली दिल्ली की पहली सरकारी संस्था बन गई है।

डीपीसीसी के सदस्य सचिव के एस जयचंद्रन ने कहा कि ऐसी पांच और कारों को जल्द ही किराये पर लिया जाएगा। इसके लिए 23 जुलाई को वर्क आर्डर जारी किया गया था। सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम, कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विस लिमिटेड एक सितंबर से दिल्ली सरकार को इन ई-वाहनों को उपयोग के लिए प्रदान करेगा। जयचंद्रन ने कहा, डीपीसीसी द्वारा ई-वाहनों को अपनाने से नागरिकों को इलेक्टि्रक वाहनों पर स्विच करने और ई पालिसी को अपनाने के लिए उनके मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध को दूर करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी।

पर्यावरण विभाग जल्द ही 20 से 25 कारों को किराए पर लेगा। अधिकारी ने कहा कि ई-मोबिलिटी में परिवर्तन वायु प्रदूषण और जलवायु संकट की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सबसे अच्छे समाधानों में से एक है, जिसमें विद्युतीकरण मोड प्रदूषण मुक्त, ऊर्जा कुशल और टिकाऊ रूप है। दिल्ली का लक्ष्य शहर में 2024 तक बेचे जाने वाले कुल वाहनों के 25 फीसद तक ईवी पंजीकरण बढ़ाने का है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari