नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। देश के राज्यों में जैसे-जैसे कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है वैसे-वैसे ही उससे बचाव के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकारों ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सबसे पहले नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। बीते साल विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से भी नाइट कर्फ्यू की उपयोगिता के बारे में बताया गया था। किसी भी संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इसे पहला कदम कहा गया था। यदि रात की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए तो संक्रमण पर थोड़ा अंकुश लगाया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी माना

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बात को माना है कि जब लोग बंद जगहों पर जाते हैं, जैसे रेस्तरां, बार, जिम वहां पर वेंटिलेशन नहीं होता है, ऐसी जगहों पर कोरोना फैलने की संभावना अधिक होती है। इसके उलट जहां वेंटिलेशन अधिक होता है वहां संक्रमण फैलने की संभावना भी कम हो जाती है। यदि लोग जिम, बार, रेस्त्रां में जाते हैं वहां वेंटिलेशन कम होता है, ऐसी जगहों पर संक्रमण अधिक फैलता है। इस वजह से ये कदम उठाए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब लोग संक्रमण को फैलने से रोकने में अपनी भागीदारी नहीं समझते तो सरकारें नाइट कर्फ्यू जैसा कदम उठातीं हैं। दूसरी बात ये कि रात को ज्यादातर लोग मनोरंजन के लिए घरों से बाहर निकलते हैं, काम के लिए कम। दिन में काम के लिए लोग अधिक बाहर निकलते हैं, मनोरंजन के लिए कम। मनोरंजन के लिए निकलने वाले अधिक बेफ्रिक होते हैं जबकि काम के लिए निकलने वाले लोग फ्रिकमंद होते हैं। इस वजह से नाइट कर्फ्यू की उपयोगिता बढ़ जाती है।

दिल्ली, एमपी, यूपी और महाराष्ट्र में लगा नाइट कर्फ्यू

दिल्ली, मुंबई, एमपी और यूपी ने अपने यहां कई जिलों और शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का आदेश दे दिया है। पहले दिल्ली सरकार ने 6 अप्रैल से 30 अप्रैल तक रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया था। यहां जरूरी सेवाओं में छूट भी दी गई है। उधर बुधवार को पंजाब सरकार ने भी नाइट कर्फ्यू का एलान कर दिया। पंजाब में नाइट कर्फ्यू रात 9 बजे से लगाया गया है।

दिल्ली से पहले महाराष्ट्र सरकार ने रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक के लिए नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। देश के कई दूसरे राज्यों ने पहले भी ऐसा किया है। साल 2020 में इसी तरह से केंद्र सरकार ने भी नाइट कर्फ्यू के आदेश जारी किए थे, अब एक साल के बाद राज्य सरकारें ऐसा कर रही हैं।

नाइट कर्फ्यू लगाने के पीछे महाराष्ट्र सरकार की दलील

नाइट कर्फ्यू लगाने के पीछे महाराष्ट्र सरकार की दलील है कि लोग रात में बड़ी संख्या में घर से बाहर एंजॉय करने निकलते हैं, क्लब जाते हैं, रेस्तरां में खाना खाते हैं, सरकार लोगों को ऐसा करने से रोकने के लिए ही नाइट कर्फ्यू लगा रही है। जब लोग निकलेंगे नहीं तो संक्रमण फैलेगा नहीं।

इस तरह से भी लगा सकते संक्रमण फैलने पर रोक

नाइट कर्फ्यू के अलावा आफिस को बंद करके, कुछ आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाकर भी कोरोना पर काबू पाया जा सकता है लेकिन उससे अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है, इस वजह से दोनों के बीच के एक तालमेल बिठाना भी जरुरी है इस लिहाज से नाइट कर्फ्यू बेहतर विकल्प हो सकता है।

ये भी कहा जा रहा है कि नाइट कर्फ्यू कोरोना के खिलाफ सरकार की बड़ी रणनीति का एक छोटा हिस्सा हो सकता है। बड़ी रणनीति ये हो सकती है कि बिना बात के लोग एक जगह से दूसरी जगह ना जाएं, इस पर अमल करने के कई तरीके हो सकते हैं। लोग खुद ये समझें और बाहर ना जाएं।


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दूसरा तरीका हो सकता है कंटेनमेंट जोन बना कर लोगों की आवाजाही को रोका जाए। कंटेनमेंट ज़ोन का तरीका एक छोटे क्षेत्र में ही असरदार होता है, इससे बाकी इलाके में फर्क नहीं पड़ता। तीसरा तरीका हो सकता है, ऐसे समारोह पर रोक लगाएं जहां लोग एकजुट हो रहे हों जैसे शादी, बर्थडे पार्टी, पब, बार आदि। इससे भी फैलने से रोकने में मदद मिलेगी।

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