गुरुग्राम, जेएनएन। Know the Banaras link of Triple Murder Mystery: दिल्ली से सटे गुरुग्राम में डॉ. श्रीप्रकाश सिंह द्वारा परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के बाद आत्महत्या के मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस ने घर से कई चीजों को कब्जे में लिया है। जिस धारदार हथियार (गंडासा, दाव) से तीनों की हत्या की गई है, वह 35-36 इंच लंबा है। जिस हथौड़े से सिर पर वार किए गए हैं, उसका वजन भी करीब 500 से 600 ग्राम है। इन चीजों के साथ ही जिस रस्सी से श्रीप्रकाश सिंह ने आत्महत्या की, पुलिस ने उसको कब्जे में ले लिया है।

पुलिस के मुताबिक, सभी वस्तुएं बिल्कुल नई खरीदी हुई लगती हैं। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रकाश सिंह हत्या के लिए प्रयोग किए गए सामान को बाजार से खरीद कर लाए होंगे और इसके लिए वह कई दिन से तैयारियां कर रहे थे। वहीं, पुलिस की एक टीम बनारस में है और यहां पर श्रीप्रकाश सिंह के बारे में जानकारियां जुटा रही है कि आखिर वे कौन से हालात थे, जिनकी वजह से उन्होंने इतना बड़ा कदम ?

नौकरी के सिलसिले में मंगलवार को जाना था हैदराबाद

फॉर्मा कंपनी की नौकरी खत्म होने पर दो माह घर बैठने के बाद डॉ. श्रीप्रकाश सिंह की नौकरी हैदराबाद स्थित एक कंपनी में तय हो गई थी। उन्हें 21 जुलाई से ज्वाइन करना था, पर उससे पहले औपचारिकता पूरी करने के लिए डॉ. श्रीप्रकाश सिंह को मंगलवार को हैदराबाद जाना था। उसके लिए फ्लाइट का टिकट भी बुक करा लिया गया था। उससे पहले सोमवार को वह वाराणसी में एक जमीन के सौदे के सिलसिले में जाने वाले थे। उनके एक रिश्तेदार ने बताया कि डॉ. श्रीप्रकाश ने अपनी ससुराल में करीब एक करोड़ रुपये में जमीन का सौदा किया था। उन्हें ससुराल में जमीन मिली हुई थी।

अंतिम संस्कार को लेकर भी रिश्तेदारों में रहे मतभेद

सोनू सिंह की बहन सीमा ने इस मामले में पुलिस में एफआइआर दर्ज कराई है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने चारों शवों को सीमा व उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया। सोनू सिंह की बहन अपनी बहन व उसके बच्चों अदिति व आदित्य तीनों के शवों को दाह संस्कार के लिए दिल्ली ले जाना चाहती थीं। सोनू सिंह की बहन खुद सिर्फ इन तीनों का अंतिम संस्कार किए जाने के पक्ष में थीं। वह अपने बहनोई डॉ. श्रीप्रकाश सिंह के शव का अपने हाथों अंतिम संस्कार नहीं करना चाह रही थीं। उप्पल साउथ एंड आरडब्लूए के प्रतिनिधियों व पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चारों शवों का अंतिम संस्कार सेक्टर 32 के श्मशान घाट में किया गया था। चारों शवों को अग्नि श्रीप्रकाश सिंह के रिश्तेदार अजरुन सिंह ने दी। अर्जुन सिंह चारों का अंतिम संस्कार एक ही श्मशान घाट में किए जाने के पक्ष में थे।

रिश्तेदार ने हरिद्वार में विसर्जित कीं अस्थियां

अपने परिवार को मौत के घाट उतारकर आत्महत्या करने वाले डॉ. श्रीप्रकाश सिंह के परिवार की अस्तियां बुधवार को हरिद्वार में विसर्जित कर दी गईं। बुधवार सुबह श्मशान घाट से चारों की अस्थियां चुनी गईं। उसके बाद श्रीप्रकाश के रिश्तेदार अर्जुन सिंह उनको लेकर हरिद्वार गए। चारों का दाह संस्कार मंगलवार को सेक्टर 32 के श्मशान घाट में किया गया था।

श्रीप्रकाश व सोनू ने एक ही कंपनी से की थी नौकरी की शुरुआत

डॉक्टरेट पूरी करने के बाद सोनू सिंह ने श्रीप्रकाश सिंह के साथ एक ही कंपनी में नौकरी की शुरुआत की थी। गुरुग्राम आकर सोनू ने इस्तीफा दिया था।

दिल्ली-NCR की ताजा और महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक

Posted By: JP Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस