नई दिल्ली [राहुल सिंह]। भारत-चीन बॉर्डर पर हुई हिंसक झड़प और दुनिया में कोरोना वायरस को फैलाने का खामियाजा चीन को आने वाले दिनों तक भुगतना पड़ेगा। दरअसल, लोगों के जहन में अब तक चीन को लेकर रोष व्याप्त है, जिसके चलते वह चीनी उत्पादों का पूरी तरह से बहिष्कार कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिवाली समेत अन्य त्योहार पर लोग अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं को अपना हथियार बनाकर चीन को सबक सिखाने की तैयारी में हैं। दिवाली पर घरों को रोशन करने के लिए लोग अभी से दीया खरीदने की तैयारी में जुट गए हैं, जिसके चलते दुकानदारों के पास बड़ी संख्या में मांग आने लगी है। बाजार में इस बार करीब 150 प्रकार के रंग-बिरंगे दीये आएं हैं।

चीन के प्रति आम जन में गुस्सा

दरियागंज में पिछले 40 सालों से लगातार दीयों की दुकान लगाने वाली संतरा देवी ने बताया कि साल दर साल दीयों की मांग लगातार घटती रही है, लेकिन इस साल पहली बार लग रहा है कि दीयों का काम अच्छा रहेगा। लोग अभी से आकर दीयों की बुकिंग व खरीदारी करने लगे हैं, जिसके चलते वह भी आगे दीया बनाने वाले कामगारों को बड़ी संख्या में ऑर्डर देनी लगी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में चाइना को लेकर गुस्सा है, जिसके चलते वह इस दिवाली, गोवर्धन पूजा और छठ पूजा पर दीये जलाना चाहते हैं। उम्मीद है इस साल दीयों का काम अच्छा रहेगा। इसके लिए अभी से तैयारियां करनी शुरू कर दी हैं। वहीं, दीयों और मिट्टी के बने बर्तनों दुकान करने वाले विजय कुमार ने बताया कि दीयों की मांग अभी से आने लगी है। लोग अभी से 100 से लेकर 400 दीये तक लेने का ऑर्डर कर रहे हैं। ऐसे में लग रहा है कि लोग चाइनीज सामान का बहिष्कार करना चाहते हैं, जिसके चलते वह स्वदेशी सामान का प्रयोग कर अपने त्योहारों को रोशन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिये कलकत्ता, लखनऊ, उड़ीसा समेत अन्य जगहों से बनकर दिल्ली तक पहुंचते हैं, जिसके बाद यहां से पूरे एनसीआर में ये बेचे जाते हैं।

 

तुलसी, ओम समेत 150 प्रकार के दीये बिखरेंगे अपने रंग

दीया दुकानदारों ने बताया कि लोगों की पिछले 10 दिनों से लगातार दीयों व मिट्टी के सामान को लेकर मांग आने लगी है, जिसके चलते वह भी अपने कामगारों को दीये बनवाने का बड़ी संख्या में ऑर्डर देने लगे हैं। इस बार 150 प्रकार के रंगे बिरंगे दिये बाजार में देखने मिलेंगे, जिनमें ओम, तुलसी, छाज, पान पत्ता, स्वास्तिक, लक्ष्मी गणेश, श्री, शंख, लक्ष्मी गणेश समेत अन्य दिये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन दियों की कीमत पांच रुपये से लेकर 30 रुपये तक की है, जिनमें छोटे और बड़े दोनों प्रकार के दिये शामिल हैं। वहीं, केवल मिट्टी के 200 से अधिक प्रकार के दिये बाजार में मिलेंगे। बिना रंग वाले दियों की कीमत एक रुपये से लेकर आठ रुपये तक की है।

 

स्वेदशी सामान से होगी दिवाली

बाजार में दीये खरीदने के लिए पहुंचे सुमन शर्मा ने बताया कि इस साल वह अपनी दिवाली को पूरी तरह से स्वदेशी रूप देंगी। इसमें एक भी सामान चीन का प्रयोग नहीं करेंगी। हर साल घर के बाहर लगने वाली चाइनीच लाइट भी इस बार प्रयोग नहीं की जाएगी। उसके स्थान पर दीयों से घर को सजाकर रोशन किया जाएगा। वहीं, मिट्टी के बर्तन खरीदने वाली सल्तनत खान ने बताया कि चीन की घिनौनी हरकत के चलते कोई भी व्यक्ति नहीं चाहेगा कि उनके देश में बना सामान प्रयोग किया जाए। हर व्यक्ति अपने देश की माटी से घर को सजाना चाहता है। उन्होंने कहा कि वह मिट्टी बर्तन व मूर्तियों के प्रयोग से घर को सजाने के लिए बाजार आई हैं।

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