नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Delhi Violence: जिसने सोमवार और मंगलवार को हिंसा के दौरान उत्तरी पूर्वी दिल्ली को जलते देखा और कई लोगों का दिल बुझते देखा, वह दिल्ली वाला रो पड़ा होगा। वह यकीन ही नहीं कर पा रहा है कि यह वही दिल्ली है, जिसे पूरे भारत में 'दिलवालों की दिल्ली' कहा जाता है। जो नहीं होना था वह हुआ है...और दिल्ली वालों को मिला यह गम भुलाने में कई बरस लगेंगे, या कहें दिल्ली कभी अपने दामन पर लगे हिंसा के दाग को शायद ही भूल पाए। 

उपद्रवियों ने फूंक डाले दो स्कूल

हिंसा कुछ थमी तो बुधवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाके उजाड़ नजर आए। परिंदों ने भी यहां पर दूरी बनी ली थी, पसरी थी तो सिर्फ वीरानी। मंजर कुछ ऐसा था कि कहीं आग नजर आई, तो कहीं सुलग रही चिन्गारी। इस बीच जब पुलिस सड़कों उतरी तो करावल नगर इलाके में दो स्कूल भी जले नजर आए। उपद्रवियों ने यह भी न सोचा वे अपने भविष्य का भविष्य खाक कर रहे हैं। 

 

दुकान फूंकी, बचे सिर्फ 3 रुपये

उत्तर पूर्वी दिल्ली के एक इलाके में हिंसा का शिकार हुए यतेंद्र कुमार शर्मा ने अपना सबकुछ गंवा दिया। उपद्रवियों ने उनकी दुकान के साथ मकान भी फूंक दिया। अब पर्स में सिर्फ रुपये बचे हैं। वह अपने रिश्तेदार के घर पर हैं और वापसी की उम्मीद में हैं। 

दो दिन तक भूखा रहा चौकीदार का परिवार

करवाल नगर में हालात इस कदर खराब हो गए थे, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां पर दो दिन तक भूखा-प्यासा चौकीदार का परिवार एक स्कूल में फंसा रहा। दो दिन बाद हिंसा थमी तो बाहर निकला। दहशत अब भी उसके व उसके परिवार के सदस्यों पर नजर आ रही है। 

धार्मिक स्थलों पर भी किया गया हमला

'अभी और गिरेगा आदमी, उसे शैतान के मुताबिल जो होना है' कुछ ऐसा ही लगा उत्तर पूर्वी दिल्ली के कुछ इलाकों को देखकर। यहां के कई इलाकों में उपद्रवियों ने धार्मिक स्थलों को भी फूंक दिया।

कबीर नगर में बरसे पत्थर

कबीर नगर का नजारा देखिये तो यहां पर उपद्रवियों ने पत्थर और ईटें इस  कदर बरसाई हैं कि सड़कों पर निकला मुश्किल हो रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे यह इलाका इंसानों से नहीं, बल्कि ईंट-पत्थरों से जाना जाता हो।

यमुना पार में सड़क पर सिर्फ ईंटें

यमुनापार में जब बुधवार को पुलिस बल उतरा तो यहां की सड़कों पर इंसानों से ज्यादा पत्थर और ईटें नजर आईं। हैरानी इस बात की है कि यहां पर इससे पहले कभी बड़ा झगड़ा तक नहीं हुआ। लोग यकीन नहीं कर पा रहे कि यहां पर दो दिन तक इंसानियत मरती रही।

100 कारें फूंक डाली उपद्रवियों ने

उत्तर पूर्वी दिल्ली में एक गैराज का नजारा किसी की भी हैरान कर देगा। यहां पर जब बुधवार को हिंसा खत्म हुई तो 100 से अधिक कारें जली नजर आईं।

Posted By: JP Yadav

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