नई दिल्ली, जेएनएन। Weather Update: भारतीय मौसम विभाग (NDIA METEOROLOGICAL DEPARTMENT) का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक दिल्ली वासियों को भीषण गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दरअसल, वायु तूफान के चलते दिल्ली-एनसीआर में भी हवा दक्षिण-पश्चिमी दिशा से आ रही है। इस हवा में अरब सागर की नमी भरी हुई है। बुधवार को सुबह से ही दिल्ली के मौसम पर इसका  असर देखने को मिला। देश के पश्चिमी हिस्से में सक्रिय चक्रवाती तूफान वायु और हिमालयी क्षेत्रों में आए पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली के लोगों को इससे राहत मिलेगी। वहीं, बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक जाने की संभावना है, जबकि शुक्रवार को यह 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। 17 व 18 जून तक तापमान 40 डिग्री से भी नीचे जाने के आसार हैं। हालांकि, इस दौरान वातावरण में नमी ज्यादा होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। 

उधर, प्रादेशिक मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि चक्रवाती तूफान वायु और हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर दिल्ली-एनसीआर के मौसम पर देखने को मिल रहा है। खासतौर पर वायु तूफान के चलते हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिमी हो गई है जो राजस्थान से होते हुए दिल्ली तक पहुंच रही है। अगले 24 घंटों में इसके चलते आंधी और हल्की बरसात के एक-दो दौर आने की संभावना है।

इससे पहले बृहस्पतिवार को दिनभर की गर्मी के बाद शाम को दिल्ली में आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली इस आंधी की वजह से राजधानी में कई जगहों पर धूल का गुबार देखने को मिला। धूल की वजह से सड़कों पर चल रही गाड़ियों की रफ्तार थम गई और दोपहिया चालक यहां-वहां खड़े होने पर मजबूर हो गए। आंधी और उसके बाद धूल भरी हवाओं का यह दौर लगभग आधे घंटे तक चला। इस आंधी से दिल्ली का प्रदूषण स्तर भी एकदम से बढ़ गया। सीपीसीबी के अनुसार, कई जगहों पर साढ़े सात बजे प्रदूषण सामान्य से कई गुना तक अधिक रहा। दिल्ली में सभी जगहों पर आंधी आई और मिट्टी उड़ने की वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी भी महसूस हुई।

दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में सूरज और तेज धूप तो सुबह ही निकल गई थी, लेकिन नमी भरी हवाओं के चलते गर्मी का अहसास कम हुआ। बुधवार को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा है। नमी का स्तर 32 से 49 फीसद रहा। पालम क्षेत्र में अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मालूम हो कि दो दिन पहले यहां का अधिकतम तापमान 48 डिग्री तक पहुंच गया था।

दिल्ली में बढ़ी बिजली की मांग

तापमान में हल्की गिरावट तो आई है, लेकिन बिजली की मांग में बढ़ोतरी जारी है। मंगलवार मध्य रात्रि को अधिकतम मांग 6792 मेगावाट दर्ज हुई थी जो बुधवार अपराह्न साढ़े तीन बजे 6904 मेगावाट तक पहुंच गई। यही हाल रहा तो दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग का रिकॉर्ड टूट सकता है। अबतक की रिकॉर्ड मांग पिछले वर्ष 10 जुलाई को 7016 मेगावाट दर्ज हुई थी। बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि इस मौसम में बिजली की मांग का लभगभ 50 फीसद एयर कंडिशन (एसी), पंखे और कूलर की होती है।

बीएसईएस के अनुसार बुधवार को बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) के बिजली वितरण क्षेत्र में अधिकतम मांग 2951 तथा बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) के क्षेत्र में 1559 मेगावाट दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से बिजली की मांग में बढ़ोतरी हो रही है उससे आने वाले दिनों में मांग 7400 मेगावाट तक पहुंच सकती है। उनका कहना है कि बिजली की बढ़ती मांग पूरी करना एक चुनौती है, जिसके लिए हरसंभव तैयारी की गई है। लेकिन, इसमें आम उपभोक्ता को भी सहयोग देना होगा। घर व दफ्तर में एसी व अन्य उपकरणों का प्रयोग सही तरीके से करने की जरूरत है।एसी का तापमान एक डिग्री सेल्सियस कम करने से बिजली की खपत में छह फीसद तक की कमी होती है। एसी का तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस पर रखना आदर्श स्थिति है। इसे लेकर बांबे सबअर्बन इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई ने जागरूकता अभियान शुरू किया है।

सीएम मनोहर लाल खट्टर की इमरजेंसी लैंडिंग

खराब हुए मौसम के कारण मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हेलीकॉप्टर की रोहतक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रेवाड़ी में कार्यकर्ता सम्मान समारोह के लिए जा रहे थे। वहीं रेवाड़ी के कार्यक्रम को भी रद करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने रोहतक में ही रात्रि विश्रम करने का निर्णय लिया। शाम करीब साढ़े सात बजे इमरजेंसी लैंडिंग के बाद मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में पहुंचे।

आंधी के चलते 27 उड़ानें की गईं डायवर्ट

राजधानी में बुधवार की शाम को आई आंधी से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आइजीआइ) एयरपोर्ट पर करीब 45 मिनट तक विमानों का परिचालन प्रभावित रहा। इस बीच दिल्ली आने वाली 27 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को डायवर्ट किया गया, जबकि करीब 100 उड़ानों में देरी हुई। एयरपोर्ट मौसम विभाग के अनुसार शाम साढे छह बजे के बाद आंधी चलने लगी। लिहाजा एहतियातन करीब 6.35 बजे एयरपोर्ट रनवे पर विमानों के आवागमन पर रोक लगा दी गई। शाम करीब 7.15 बजे मौसम सामान्य होने पर विमानों का संचालन शुरू किया गया। डायल प्रवक्ता ने बताया कि विमानों को डायवर्ट कर जयपुर, लखनऊ और बनारस में उतारा गया।

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Posted By: JP Yadav