नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। Nd Tiwari Son Rohit Shekhar Murder Case: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी (40) हत्याकांड में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बृहस्पतिवार को साकेत कोर्ट में आरोप पत्र दायर कर दिया। इसमें पुलिस ने बताया है कि पत्नी अपूर्वा शुक्ला (35) ने ही रोहित का गला के अलावा मुंह व नाक भी दबा दिया था, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई थी। 518 पन्ने के आरोप पत्र में पुलिस ने रोहित के परिवार के ही अधिकतर सदस्यों व उनके यहां काम करने वाले कर्मचारी समेत 56 लोगों को गवाह बनाया है। सबूत के तौर पर सभी के बयान, फोरेंसिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड व फोटोग्राफ को रखा गया है। शुक्रवार को कोर्ट आरोप पत्र पर संज्ञान लेगी। 15 अप्रैल की देर रात अपूर्वा ने रोहित की हत्या की थी। रोहित की हत्या की कोई एक वजह नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कम से चार वजहें थी, जिनका जिक्र चार्जशीट में भी है। 

रोहित शेखर हत्याकांड में आरोप पत्र दायर, खुलेंगे कई राज

आरोप पत्र में बताया गया है कि रोहित व उनके परिजनों के व्यवहार से अपूर्वा बेहद मानसिक तनाव में थी। घटना वाली रात 15 अप्रैल को रोहित के उत्तराखंड से घर लौटने पर पहले दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। रोहित को कई बीमारियां थी और उन्होंने अत्यधिक शराब भी पी रखी थी, जिससे वह विरोध नहीं कर पाए। झगड़े के दौरान अपूर्वा ने गुस्से में आकर रोहित का गला दबा दिया था। चार्जशीट में यह भी है कि भाभी के साथ शराब पीते देखकर अपूर्वा आगबबूला हो गई थी।

मूल रूप से इंदौर की रहने वाली अपूर्वा शुक्ला पेशे से अधिवक्ता है। उसके पिता व परिवार के अन्य सदस्य भी अधिवक्ता हैं, जिससे उसे कानून के हर दांव-पेंच के बारे में जानकारी थी। अपूर्वा 2016 से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करती थी। लिहाजा पहले कई दिनों तक पूछताछ में वह क्राइम ब्रांच को गुमराह करती रही,लेकिन परिस्थितजन्य साक्ष्यों व फोरेंसिक रिपोर्टों के आधार पर लगातार पूछताछ के बाद उसने 24 अप्रैल को हत्या करने की बात कबूल ली थी।

हत्या की वजहें

एक- जांच में यह बात सामने आई थी कि बड़े परिवार से ताल्लुक रखने वाली अपूर्वा ने रोहित शेखर तिवारी से शादी करने के पीछे बड़े-बड़े सपने संजो रखे थे। दरअसल 2017 में मैट्रिमोनियल साइट के जरिये अपूर्वा का रोहित से परिचय हुआ था। जल्द दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। दोनों एक- दूसरे के घर आने जाने लगे।

दो- अपूर्वा को लगा कि एनडी तिवारी कई बार उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल रहे हैं। रोहित के नाना भी चार बार कैबिनेट मंत्री रहे हैं। ऐसे में उनके जैविक पुत्र रोहित शेखर को विरासत में अकूत संपत्ति मिलेगी। उसे लगा कि रोहित से शादी कर उसकी जीवनशैली और भी ऊंची हो जाएगी। इस तरह की उम्मीदें पाल अपूर्वा ने पिछले साल 11 मई को रोहित से शादी की। शादी इंदौर में हुई थी। इसके बाद अपूर्वा ने जब दिल्ली आकर रोहित के साथ डिफेंस कॉलोनी स्थित घर सी-329 में रहना शुरू किया, तो उसे सच्चाई का पता चला। उसे लगने लगा था कि वह बुरी तरह ठगी गई है।

तीन- जल्द ही उसे यह भी पता लग गया था कि रोहित के पास कोई प्रॉपर्टी नहीं है। तिलक लेन जहां उज्ज्वला रहती हैं, वह सरकारी क्वार्टर है। डिफेंस कॉलोनी वाला घर ही केवल उज्ज्वला के नाम पर है। जो 400 गज में बना है। उसकी भी वसीयत में उज्ज्वला ने लिखा है कि उनके मरने के बाद घर के 60 फीसद हिस्से का मालिक रोहित व 40 फीसद का सिद्धार्थ होंगे। सिद्धार्थ उज्ज्वला के दूसरे पति का बेटा है। वह डिफेंस कॉलोनी में ही रहते हैं। उन्होंने शादी नहीं की है। वह भी कई बीमारियों से ग्रसित हैं।

चार- इस बाबत उन्होंने भी कह रखा है कि उनकी मौत के बाद उनके हिस्से की प्रॉपर्टी राजीव के नौ वर्षीय बेटे पोलू को दे दी जाए। राजीव, उज्ज्वला के दूसरे पति के चचेरे भाई का बेटा है, जो उज्जवला की देखभाल करने के लिए उनके साथ तिलक लेन में रहते हैं। राजीव की पत्नी कुमकुम, बेटा के साथ वहीं रहती हैं। जांच में पता चला था कि अपूर्वा ने अकेले हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। उसने हत्या के लिए घर के किसी सदस्य का सहयोग नहीं लिया।

यह था मामला

रोहित शेखर तिवारी 15 अप्रैल की रात शराब के नशे में उत्तराखंड के कोटद्वार से वोट डालकर डिफेंस कॉलोनी स्थित घर लौटे थे। देर रात खाना-खाने के बाद वे अपने कमरे में सोने चले गए थे। अनबन रहने के कारण पत्नी अपूर्वा बराबर वाले कमरे में अकेले सोती थी।

अगले दिन मंगलवार दोपहर चार बजे तक रोहित सोते रहे, लेकिन किसी ने भी उनकी सुध लेने की कोशिश नहीं की। अचानक घरेलू सहायक गोलू जब किसी काम से रोहित के कमरे में गया तो उनकी नजर रोहित के मुंह व नाक से खून निकलते हुए पड़ी। उसने अपूर्वा व घर में मौजूद अन्य लोगों को रोहित के बारे में जानकारी दी। फिर मां उज्ज्वला शर्मा को भी फोन कर सूचना दी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने जांच के बाद रोहित को मृत घोषित कर दिया। शाम 4.41 बजे अस्पताल के गार्ड ने पुलिस को कॉल कर घटना के बारे में जानकारी दी।

परिजनों ने शुरू में पुलिस को बताया था कि रोहित की मौत हार्ट अटैक या ब्रेन हेमरेज से हुई है। इसलिए पुलिस ने तब आपराधिक एंगल पर जांच नहीं की थी। शक होने पर रोहित के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एम्स भेज दिया था। बुधवार दोपहर एम्स में पांच डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। देर शाम लोधी कॉलोनी स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। बृहस्पतिवार शाम पोस्टमॉर्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में जब बताया गया कि रोहित की अस्वाभाविक मौत हुई है। उनकी मौत गला व मुंह दबाने से दम घुटने से हुई है, तो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।

क्राइम ब्रांच की टीम ने अगले दिन रोहित के घर पहुंच कर जांच शुरू की। अपूर्वा समेत सभी सदस्यों को पांच दिनों तक नजरबंद कर जांच की जाती रही। एक-एक कर तमाम साक्ष्य एकत्र किए गए। उज्ज्वला शर्मा, अपूर्वा शुक्ला, भाई सिद्धार्थ सहित अन्य परिजन, नौकरों और चालकों से बार-बार पूछताछ की गई। फोरेंसिक रिपोर्ट में गला घोटकर रोहित की हत्या की बात स्पष्ट हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया था कि 15 की देर रात एक से दो बजे के दौरान रोहित की मौत हुई है। सीसीटीवी कैमरे में पुलिस को इसके सबूत मिल गए कि रात एक बजे अपूर्वा, रोहित के कमरे में घुसी थी और ढाई बजे निकली थी। लिहाजा पुलिस को हत्या का शक अपूर्वा पर ही गया। तकनीकी साक्ष्यों और बार-बार पूछताछ में अपूर्वा टूट गई और पति की हत्या की बात कबूल कर ली। उसके बाद 24 अप्रैल की सुबह क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

भाभी के साथ शराब पीता देखकर गुस्सा हो गई थी अपूर्वा

रोहित शेखर तिवारी व अपूर्वा शुक्ला के बीच अनबन तो शादी के तुरंत बाद से ही शुरू हो गई थी। दोनों अलग-अलग कमरे में सोते थे। 15 अप्रैल की रात रोहित को भाभी कुमकुम के साथ कार में एक साथ शराब पीते देख अपूर्वा आगबबूला हो गई थी।

दरअसल, रोहित व उनके परिजन 10 अप्रैल को तीन कारों से उत्तराखंड गए थे। रोहित ने अपूर्वा को बताया था कि वह एक दिन में ही वापस लौट आएंगे। उनके साथ मां उज्ज्वला शर्मा, राजीव, राजीव की पत्नी कुमकुम, चालक अखिलेश व घरेलू सहायक गोलू गया था। हालांकि, अगले दिन वे नहीं लौटे। पांच दिन बाद 15 अप्रैल की रात जब सभी वोट डालकर घर लौट रहे थे, तभी अपूर्वा ने रोहित को वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल की थी। वीडियो कॉल में रोहित और कुमकुम एक ही गिलास में शराब पीते उसे दिख गए थे।

गोलू शराब का पैग बनाकर दे रहा था। घर आने पर दोनों के पैर लड़खड़ाते दिखे तो उस समय तो परिवार के सामने अपूर्वा ने कुछ नहीं कहा। रात 12 बजे जब उज्ज्वला, राजीव, कुमकुम सभी तिलक लेन चले गए और रोहित अपने कमरे में जाकर सो गए और अन्य सभी कर्मचारी भी कमरे में गए तब अपूर्वा, रोहित के कमरे में गई। दोनों के बीच कुमकुम को लेकर झगड़ा हुआ। भाभी के साथ शराब पीने की बात पर पहले से खफा अपूर्वा ने जब इस बारे में सवाल किया तो रोहित ने उसे और चिढ़ा दिया था। जिसपर गुस्से में आकर अपूर्वा बड़ी वारदात को अंजाम दे बैठी।

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Posted By: JP Yadav