नई दिल्ली/ साहिबाबाद, जागरण संवाददाता। Kisan Andolan: कृषि कानून विरोधी प्रदर्शन मंगलवार को भी यूपी गेट पर जारी रहा। हालांकि यहां सन्नाटा पसरा रहा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और संयुक्त किसान मोर्चा यूपी गेट के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा यहीं पर हैं। राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के घर वापसी की अफवाह फैलाई जा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों पर मुकदमा वापस किए बिना किसान यहां से नहीं जाएगा। चार दिसंबर को हमारी बैठक है। वहीं, जगतार सिंह बावजा ने कहा कि एक दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की सिंघु बार्डर पर अब तक प्रगति को लेकर बैठक होगी। उसके बाद चार दिसंबर को बैठक करके आंदोलन के आगामी स्वरूप को तय किया जाएगा।

इससे पहले सोमवार को कुंडली बार्डर पर पंजाब की 32 जत्थेबंदियों की बैठक हुई। केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद इस बैठक में डा. दर्शनपाल और अन्य जत्थेबंदियों ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में पंजाब की जत्थेबंदियों ने कहा कि अब घर वापस चलने की योजना पर काम होना चाहिए। साथ ही ये भी कहा गया कि MSP(एमएसपी) पर कानून वाला विषय है उसमें समय लगेगा और सरकार को इसका समय देना चाहिए। इसी बैठक में तय किया गया कि अब एक दिसंबर को फिर से संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी, इस बैठक में किसानों की घर वापसी के फैसले पर चर्चा होगी।

मालूम हो कि संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा और राज्य सभा दोनों ही सदनों से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का विधेयक पास हो गया। विपक्ष ने सरकार पर बिना चर्चा के इस विधेयक के पास कराने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तो सरकार पर चर्चा से डरने का आरोप भी लगा दिया। वहीं सपा सांसद जया बच्चन ने कहा कि उन्होंने संसद में ऐसा माहौल कभी नहीं देखा, जहां विपक्ष को बोलने की इजाजत नहीं दी गई।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari