नई दिल्ली/सोनीपत [संजय निधि]। संयुक्त किसान मोर्चा की दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बार्डर (कुंडली बार्डर) पर  बैठक खत्म हो गई। संयुक्त किसान मोर्चा की इस अहम बैठक में फैसला लिया गया है कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 लड़ने वाले 20 से अधिक किसान संगठनों को 4 महीने के लिए बाहर कर दिया गया है।

राकेश टिकैत ने बैठक के बाद कहा कि हम लखीमपुर खीरी जाएंगे और सभी से बात करने के बाद तय करेंगे कि आंदोलन कैसे चलाया जाय? हम सरकार-अधिकारी से भी बात करेंगे, इसके साथ यह भी कहा कि अभी हमने किसी को सस्पेंड नहीं किया।अ भी चुनाव लड़ने वाले से नाता तोड़ा है, और चार माह बाद फिर इसपर निर्णय लेंगे

गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने शुरुआत से ही ऐलान कर रखा था कि वह पूरी तरह से गैर राजनीतिक संगठन है, लेकिन प्रदर्शन समाप्त होते ही मोर्चा में शामिल कई संगठनों ने पंजाब में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने तो सबसे पहले अपनी अलग पार्टी बनाकर पंजाब विधानसभा चुनाव में ताल ठोंक दी है। इसी तरह मोर्चा में शामिल पंजाब की 22 किसान जत्थेबंदियों ने भी अलग मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और मोर्चा के अहम सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल को मुख्यमंत्री का चेहरा भी घोषित कर रखा है। संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में इस पर भी अहम निर्णय लिया गया है कि ऐसे किसान संगठन 4 महीने के लिए बाहर होंगे। हालांकि अभिमन्यु कोहाड़ ने फिलहाल इस पर कुछ भी स्पष्ट नहीं करते हुए केवल इतना कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा का राजनीति व चुनाव से कोई वास्ता नहीं है।

गौरतलब है कि तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में नवम्बर 2021 में आंदोलन शुरू हुआ था, जो दिसंबर के दूसरे पख़वाड़े में खत्म हुआ था ¡

आंदोलन को खत्म हुए एक महीने से अधिक का वक्त हो चुका है, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा अब भी सक्रिय है। इसी कड़ी में ही दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बार्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की शनिवार को अहम बैठक हुई। इस बैठक में हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों के साथ केंद्र सरकार के वादों और आश्वासनों की समीक्षा की गई। शनिवार को होने वाली इस अहम बैठक में कई और बड़े ऐलान हुए हैं।

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Edited By: Jp Yadav