नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। मौजपुर मुख्य रोड पर शराब का ठेका खोलने पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। मौजपुर मार्केट शापकीपर वेलफेयर एसोसिएशन ने मंदिरों के सौ मीटर के दायरे में ठेका खोलने के लिए लाइसेंस देने को नियम का उल्लंघन बताते हुए कोर्ट में अर्जी दायर कर रोक लगाने की मांग की थी। दीवानी न्यायाधीश श्रुति शर्मा ने अर्जी पर मार्केट एसोसिएशन को अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई 29 नवंबर को तय कर दी है।

मौजपुर मार्केट शापकीपर वेलफेयर एसोसिएशन ने अर्जी दायर कर कोर्ट को अवगत कराया कि मौजपुर मुख्य रोड स्थित एक दुकान में शराब का ठेका खोलने के लिए आबकारी विभाग ने लाइसेंस दिया है। यह दुकान 1008 शांति नाथ दिगंबर जैन मंदिर के सौ मीटर के दायरे में है। इसके अलावा आसपास हनुमान मंदिर व स्कूल भी है। दिल्ली आबकारी नियमावली 2010 के तहत मंदिर के सौ मीटर के दायरे में शराब का ठेका खुलना नियम का उल्लंघन होगा।

एसोसिएशन की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता निश्चय चौधरी ने हाथ से बना साइट प्लान भी कोर्ट के समक्ष पेश किया। इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ठेका खोलने अंतरिम रोक लगाते हुए दूसरे पक्ष को नोटिस जारी कर दिया। कोर्ट ने एसोसिएशन के अधिवक्ता को निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई पर अपने दावे के संबंध में उचित साइट प्लान प्रस्तुत करें।

आवासीय क्षेत्र में दुकान खोलने के खिलाफ याचिका

आवासीय क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने के खिलाफ एक और याचिका हाई कोर्ट में दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने दिल्ली सरकार, आबकारी आयुक्त और पूर्वी दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी कर सुनवाई 27 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

चंदर नगर के स्थानीय लोगों ने याचिका में कहा है कि जब से शराब की दुकान खोलने के बारे में पता चला है तो बच्चों के भविष्य और महिला सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रस्तावित शराब की दुकान से नियमों का उल्लंघन हो रहा है। याचिका में कहा गया है कि दुकान निगम के प्राथमिक स्कूल से केवल 30 मीटर, दो मंदिरों से 60 मीटर और एक सरकारी औषधालय से 50 मीटर की दूरी पर प्रस्तावित है। याचिकाकर्ताओं ने शराब की दुकान खोलने से रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari