नई दिल्ली [स्वदेश कुमार]। राष्ट्रीय रोजगार नीति बनाने और लागू करने की मांग को लेकर पर्यावरण मंत्री व देश की बात फाउंडेशन के संस्थापक गोपाल राय के नेतृत्व में संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति द्वारा नंदनगरी में सत्याग्रह शुरू कर दिया गया है। इससे पहले यहां से जंतर-मंतर तक तिरंगा पदयात्रा निकालने का प्रयास किया गया। लेकिन, वजीराबाद रोड पर लगभग 200 मीटर के बाद ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर यात्रा को रोक दिया गया। पदयात्रा में गाेपाल राय व्हील चेयर पर थे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और जंतर मंतर जाने का अनुरोध किया लेकिन अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने नंदनगरी में ही आगामी 22 अगस्त तक इसी मुद्दे को लेकर सत्याग्रह करने का एलान कर दिया।

पुलिस ने बैरिकेड लगाकर वजीराबाद रोड पर रोका

गोपाल राय ने बताया कि इस तिरंगा पदयात्रा के लिए देशभर के 200 से ज्यादा संगठनों के प्रतिनिधि यहां इकट्ठे हुए। आजादी के 75 साल बाद भी लोग बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। सभी लोग सिर्फ यह चाहते हैं कि केंद्र में बैठी सरकार को राष्ट्रीय रोजगार नीति बनाने पर तुरंत ही विचार करना चाहिए। हम लोगों ने राष्ट्रीय रोजगार नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस ड्राफ्ट को हम केंद्र सरकार के साथ साझा करना चाहते हैं। ताकि इसे संसद में कानून के रूप से पास किया जा सके। जो काम पिछले 75 सालों में नहीं हो सका, वह कम से कम अब की सरकारें मिलकर कर सकें। अब तक किसी भी सरकार ने राष्ट्रीय रोजगार नीति का मुद्दा नहीं उठाया है। न ही इस पर किसी तरह की चर्चा हुई है। राष्ट्रीय रोजगार नीति समय की मांग है। इसको लागू करके ही बेरोजगारी की समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने यात्रा में शामिल लोगों से कहा कि यह लड़ाई लंबी है। इसे अनुशासित सिपाही की तरह लड़ना है।

यात्रा रोकने से आवाज नहीं दबेगी

वजीराबाद रोड पर यात्रा रोकने पर गोपाल राय ने कहा कि पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा निकाली गई। कहीं नहीं रोकी गई। हमारी तिरंगा पदयात्रा को इसलिए रोका गया कि यह एक समस्या को समाप्त करने के लिए थी। उन्होंने कहा कि अब हम लोग 22 अगस्त तक सत्याग्रह पर बैठेंगे। उन्होंने पूरे देश के लोगों से इसका समर्थन करने की अपील की।

सत्याग्रह में क्रमिक अनशन

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद गाेपाल राय के आह्वान पर पदयात्रा में शामिल लोग वापस नंदनगरी में गगन सिनेमा के पास लौट गए। यहां सत्याग्रह शुरू कर दिया गया। आंदोलनकारियों ने बताया कि यहां प्रतिदिन 30 सदस्य अनशन करेंगे। यह क्रम एक सप्ताह तक चलेगा। सत्याग्रह में उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, उत्तराखंड, कर्नाटक आदि के राज्यों से आप के कार्यकर्ता और रोजगार आंदोलन समिति के सदस्य पहुंचे हुए हैं।

ड्राफ्ट में हैं दस मांगें

  • खाली पदों की तय समयसीमा में भरा जाए
  • बेरोजगारों को सरकार की तरफ से भत्ता दिया जाए।
  • पूरे देश में न्यूनतम मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी की जाए।
  • ठेकेदारी पर भर्ती बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए।
  • देश में सामान काम के लिए सामान वेतन लागू हो।
  • नरेगा की तरह शहरी क्षेत्रों में भी योजना लागू की जाए।
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाया जाए।
  • प्राकृतिक संसाधनों एवं कृषि उपज के अनुरूप स्थानीय स्तर पर लघु उद्योग स्थापित हों।
  • देश में ब्लाक स्तर पर मिनी मार्केट का निर्माण किया जाए।
  • मिनी मार्केट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मार्केट से जोड़ा जाए।

Edited By: Prateek Kumar