नई दिल्ली [जेएनएन]। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एमफिल और पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं। केवल हिंदी में ही लगभग 800 में से चार विद्यार्थी पास हुए हैं। आक्रोशित छात्रों ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।

प्रधानमंत्री से न्याय की गुहार 

एमए कर रहे आशीष पांडेय ने बताया कि उन्होंने व अन्य अनुत्तीर्ण छात्रों ने प्रधानमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जेएनयू में पढ़कर छात्र खुद को गौरवान्वित महसूस करता है। कम पैसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देश के बहुत कम संस्थानों में दी जाती है।

महज चार छात्र पास हुए

जेएनयू में हिंदी की प्रवेश परीक्षा में महज चार छात्र पास हुए हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। नियम यह था कि लिखित परीक्षा में जो लोग पूर्णांक का 50 फीसद अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें साक्षात्कार के लिए चयनित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम 24 फरवरी को आया, जोकि काफी निराशाजनक था।

सोशल मीडिया पर संपर्क में थे

उन्होंने कहा कि डीयू, जेएनयू, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से भी किसी भी छात्र का लिखित परीक्षा में चयन नहीं हुआ है। लोग सोशल मीडिया पर संपर्क में थे।

बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं

परिणाम के दो दिन बाद यह पता चला कि लिखित परीक्षा में सिर्फ चार लोगों का चयन हुआ है, जबकि उपलब्ध सीटें 12 हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष एमफिल, पीएचडी की विभिन्न विषयों की प्रवेश परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं। निर्धारित सीटों की संख्या से भी बहुत कम छात्र पास हुए हैं। 

By Amit Mishra