नई दिल्ली [राहुल मानव]। JNU Students Protest: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के तीसरे दीक्षा समारोह के अवसर पर छात्रों ने छात्रावास की फीसद बढ़ोतरी और छात्रावास के नए नियमों को लागू करने के खिलाफ समारोह स्थल पर प्रदर्शन किया। सुबह 9.30 बजे से लेकर देर शाम तक छात्र संघ के नेतृत्व में सैंकड़ों छात्रों ने वसंत कुंज थाने के पास नेल्सन मंडेला मार्ग पर स्थित अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (All India Council of Technical Education) के ऑडिटोरियम के पास प्रदर्शन किया।

तीसरे दीक्षा समारोह में उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। साथ ही सम्मानित अतिथि के रूप में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (एमएचआरडी) पहुंचे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं नीति आयोग के सदस्य विजय कुमार सारसवत भी दीक्षा समारोह में पहुंचे। इस समारोह में कुल 430 छात्रों को पीएचडी डिग्री प्रदान की गई। साथ ही कुलपति प्रो एम.जगदीश कुमार और प्रशासन के अन्य अधिकारी भी समारोह में उपस्थित रहे। समारोह खत्म होने के बाद डिग्री ले चुके छात्रों ने भी एआईसीटीई ऑडिटोरियम के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में प्रशासन का विरोध किया।

डिग्री ले चुके छात्रों ने मुख्य गेट के पास बैठकर भी अपना विरोध प्रशासन के खिलाफ जताया। एचआरडी मंत्री सुबह 9.30 बजे से लेकर 4.15 बजे तक छात्रों के प्रदर्शन के कारण एआईसीटीई के ऑडिटोरियम में ही मौजूद रहे और बाहर नहीं निकल सके। शाम 4.15 बजे पुलिस ने रणनीति तैयार करते हुए एचआरडी मंत्री और कुलपति को बाहर निकलवाया।

इसी बीच जानकारी के अनुसार एचआरडी मंत्री को अपने दिन के दो अन्य कार्यक्रमों को भी स्थगित करना पड़ा। जेएनयू छात्र संघ और उनके समर्थन में सभी वामपंथी छात्र संगठन से जुड़े छात्र पिछले दो हफ्ते से जेएनयू परिसर में छात्रावास की फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इनका आरोप है कि कुलपति एक भी बार इस दौरान छात्रों से नहीं मिले। इसके अलावा समारोह स्थल से शाम 4.30 बजे के बाद डिग्री ले चुके कुछ छात्रों और शिक्षकों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके साथ खराब व्यवहार किया। वहीं छात्र संघ ने इन आरोपों को गलत बताया। 

वहीं एचआरडी मंत्री ने एआइसीटीई परिसर में छात्रों से उनकी समस्याओं को लेकर सकारात्मक बातचीत की, मंत्री ने छात्रों को अशावसन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द ही उचित हल निकाला जाएगा

वहीं, दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से कुछ दूर वसंत कुंज स्थित ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (All India Council of Technical Education) सभागार सोमवार सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक दिल्ली पुलिस और छात्र-छात्राओं के बीच जंग का अखाड़ा बना रहा। शाम छह बजे के बाद प्रदर्शनकारी जेएनयू चले गए, इसी के साथ दिनभर चला प्रदर्शन खत्म हो गया।

दो बैरिकेड टूटे

इससे पहले सुबह के प्रदर्शन के बाद दोपहर होते-होते जंग और तेज हो गई है। पुलिस और छात्रों में भिड़ंत भी हुई। इस दौरान दो बैरिकेड भी टूटे हैं। दोनों ओर से कई बार हाथापाई की नौबत तक आई। AICTE के मुख्य गेट पर जुटे छात्रों को पुलिस ने थोड़ा सा पीछे किया तो हंगामा खड़ा हो गया। दोनों ओर से जारी संघर्ष के दौरान दो बैरिकेड भी टूट गए हैं।

6 घंटे तक ऑडिटोरियम HRD मंत्री और वीसी

मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की रणनीति के तहत 9:30 बजे से 4:14 बजे तक केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री और जेएनयू कुलपति ऑडिटोरियम के अंदर और बाहर छात्रों का प्रदर्शन चलता रहा। बताया जा रहा है कि इस दौरान केंद्रीय मंत्री को अपने दो कार्यक्रम तक रद करने पड़े। यह भी जानकारी मिली है कि रणनीति के तहत केंद्रीय मंत्री और कुलपति को ऑडिटोरियम के अंदर रखा गया था।

वहीं, दोपहर बाद छात्रों से भिड़ंत के बाद दक्षिणी दिल्ली रेंज के ज्वाइंट सीपी आनंद मोहन ने छात्रों से बातचीत की, लेकिन इससे पहले जेएनयू छात्र संघ के चारों प्रतिनिधियों ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात की। छात्र संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि हमें छात्रावास की फीस बढ़ाने के मुद्दों पर आश्वासन दिया गया है। 

इससे पहले दोपहर में कई बार छात्रों और पुलिस जवानों के बीच भिड़ंत की भी नौबत आई। बवाल के बीच प्रदर्शनकारी छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। गतिरोध के बीच एक छात्र तबीयत भी खराब हो गई।

वहीं, सुबह ऑडिटोरियम के अंदर चल रहे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु (Venkaiah Naidu, Vice President of India) मौजूद  थे तो बाहर छात्र-छात्राओं को जोरदार प्रदर्शन जारी रहा।  

गौरतलब है कि दीक्षांत समारोह के बीच कैंपस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपनी कई मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का कहना है कि बिना सस्ती शिक्षा के जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह उन्हें मंजूर नहीं है। साथ ही उनका यह भी कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं प्रदर्शन जारी रहेगा। 

यहां पर बता दें कि सोमवार को हो रहे दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु भी शामिल हुए।

 

मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार जेएनयू प्रशासन ने दीक्षांत समारोह वसंत कुंज स्थित ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (All India Council of Technical Education) सभागार में रखा गया। इसके तर्क दिया गया कि विश्वविद्यालय का ऑडिटोरियम छोटा है।

यहां प्रदर्शन कर रहे एक छात्र का कहना है- 'पिछले 15 दिनों से हम फीस वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जेएनयू में 40 फीसद छात्र गरीब परिवारों से आते हैं। ऐसे में कैसे हम शिक्षा ग्रहण कर पा रहे हैं।' 

यह है छात्रों की मांगें

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष, उपाध्यक्ष साकेत मून, महासचिव सतीष चंद्र यादव और संयुक्त सचिव मुहम्मद दानिश ने एचआरडी मंत्री को छात्रावास के नए नियमों को लेकर ज्ञापन सौंपा। छात्र संघ ने कहा कि हमारी मांग है कि छात्रसंघ के सभी नियमों को वापिस लिया जाए। इसे लागू करने से पहले छात्रों से और अन्य हितधारकों से बिल्कुल भी बातचीत नहीं की गई थी। इसे लागू करने के लिए छात्रों से प्रशासन बातचीत करे। छात्रावास की पूरे एक हजार फीसद तक फीस बढ़ाई गई है। छात्रावास की वार्षिक फीस 2700 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक कर दी गई है, इसे फोरन वापस लिया जाए। साथ ही कुलपति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल रहे हैं, उन्हें तुरंत उनके पद से हटाया जाए।  छात्रों से पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए छात्रों को नुकसान पहुंचाया और वाॅटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। 

दिल्ली-एनसीआर की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक

 

Posted By: JP Yadav

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप