नोएडा [जेएनएन]। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मानेसर होकर इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से जोड़ा जा सकता है। दोनों एयरपोर्ट को एलिवेटिड रोड से जोड़ने पर आने वाले भारी भरकम खर्च से बचने के लिए इस विकल्प पर काम हो सकता है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी पर सुझाव देने के लिए यमुना प्राधिकरण एजेंसी का चयन करेगा। इसके लिए इसी सप्ताह रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल निकाला जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर से मिलेंगे सबसे अधिक यात्री 
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सबसे अधिक यात्री दिल्ली-एनसीआर से मिलने का अनुमान है, इसलिए एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होने के साथ दिल्ली-एनसीआर से उसकी कनेक्टिविटी के लिए भी काम शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। जेवर एयरपोर्ट को इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी इसमें शामिल हैं। दोनों एयरपोर्ट के बीच यात्रियों की कम समय में आवाजाही संभव की जाएगी। इसके लिए दोनों एयरपोर्ट के बीच एलिवेटिड रोड बनाने पर विचार शुरू हुआ था, लेकिन इसके निर्माण पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।

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जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से आ जा सकेंगे
यमुना प्राधिकरण के लिए यह खर्च वहन करना आसान नहीं होगा, इसलिए आइजीआइ को ईस्टर्न पेरीफरेल एक्सप्रेस वे के रास्ते जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने का विचार भी सामने आया है। मानेसर से आइजीआइ की दूरी करीब बीस किमी है। दोनों के बीच रोड बनने से आइजीआइ से आने वाले वाहन मानेसर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर चढ़ जाएंगे और यमुना एक्सप्रेस वे से होकर जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से आ जा सकेंगे।एलिवेटिड रोड की अपेक्षा इसकी लागत भी कम आने के अनुमान है।

आरएफपी निकालने की तैयारी 
जेवर एयरपोर्ट के लिए मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए चयनित एजेंसी को इस पर भी सुझाव देना होगा। यमुना प्राधिकरण एजेंसी के चयन के लिए इसी सप्ताह आरएफपी निकालने जा रहा है। एजेंसी केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन के तहत जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली से जोड़ने के लिए पॉड टैक्सी, मेट्रीनो, हाइपर लूप, ट्राम, रेपिड बस ट्रांसपोर्ट के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी।

डीएमआरसी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को जिम्मेदारी
एजेंसी को ट्रांसपोर्ट मॉडल को विकसित करने में आने वाले खर्च, दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश समेत एनसीआर के अन्य शहरों से मिलने वाले यात्रियों की अनुमानित संख्या, जेवर एयरपोर्ट व इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के बीच होने वाली यात्रियों की आवाजाही पर रिपोर्ट देनी होगी। हालांकि, जेवर एयरपोर्ट को मेट्रो या रेपिड ट्रेन से जोड़ने लिए प्राधिकरण पहले ही डीएमआरसी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को जिम्मेदारी सौंप चुका है। 

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एजेंसी का चयन किया जाएगा
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली एनसीआर से मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी के अध्ययन के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके लिए आरएफपी निकाला जाएगा।