नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में इन दिनों प्रवेश परीक्षाएं चल रही हैं। 28 अगस्त तक विभिन्न शहरों में प्रवेश परीक्षा होगी। इस बीच जामिया ने एक ऐसा निर्णय लिया है, जिससे छात्रों की मुश्किलें थोड़ी बढ़ सकती हैं। दरअसल, जामिया ने नौ पाठ्यक्रमों के 35 शहरों में बनाए गए प्रवेश परीक्षा केंद्र बदल दिए हैं। ऐसा कम आवेदन के चलते किया गया है। इन शहरों को प्रवेश परीक्षा के लिए चुनने वाले छात्रों को अब दिल्ली आकर परीक्षा देनी पड़ेगी।

जामिया प्रशासन ने बताया कि प्रास्पेक्टस 2021 के क्लाज 7.3 में दिल्ली के बाहर प्रवेश परीक्षा केंद्रों की बाबत जानकारी दी गई है। इसमें स्पष्ट लिखा है कि यदि किसी परीक्षा केंद्र को 50 से कम छात्र विकल्प के रुप में चुनते हैं तो परीक्षा केंद्र बदला जा सकता है। ऐसी स्थिति में परीक्षा दिल्ली में होगी। छात्रों को नए केंद्रों की जानकारी समय से दे दी जाएगी। जामिया ने कहा कि परीक्षा की तिथि व समय नहीं बदला गया है।

पाठ्यक्रम               इन शहरों में होनी थी परीक्षा

बीएड                    गुवाहाटी, श्रीनगर

एमएड            तिरुवनन्तपुरम, कोलकाता, गुवाहाटी, श्रीनगर

एमटेक(इलेक्ट्रिकल पावर सिस्टम एंड मैनेजमेंट)- तिरुवनन्तपुरम, लखनऊ, पटना, गुवाहाटी, कोलकाता

एमटेक(कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम)-  तिरुवनन्तपुरम, लखनऊ, पटना, गुवाहाटी, श्रीनगर, कोलकाता

एमटेक(मैकेनिकल इंजीनियरिंग)- गुवाहाटी, तिरुवनन्तपुरम, श्रीनगर, कोलकाता

एमटेक (कंप्यूटर इंजीनियरिंग) -लखनऊ, पटना, गुवाहाटी, तिरुवनन्तपुरम, श्रीनगर, कोलकाता

एमटेक-इलेक्ट्रानिक एंड कम्यूनिकेशन- श्रीनगर, कोलकाता, गुवाहाटी, पटना, लखनऊ,तिरुवनन्तपुरम,

एमसीए- गुवाहाटी

 एमबीए- गुवाहाटी

3 अगस्त को आनलाइन कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे डीयू शिक्षक

वहीं, दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित दिल्ली विवि के 12 कालेजों में एक बार फिर आंदोलन की आग धधकने लगी हैं। दिल्ली सरकार ने इन कालेजों का अनुदान जारी नहीं किया है। जिस कारण तीन माह से शिक्षकों, कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। डीयू शिक्षक संघ (डूटा) ने 3 अगस्त को हड़ताल का आह्वान किया है। शिक्षक आनलाइन कक्षाओं का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे।

डूटा सह सचिव डा प्रेमचंद ने बताया कि कोरोना काल में शिक्षक बहुत परेशान हैं। इन 12 कालेजों में आये दिन वेतन संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। मार्च माह में शिक्षकों को वेतन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा था। डूटा के नेतृत्व में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री आवास, उपराज्यपाल आवास के सामने प्रदर्शन किया था। यही नहीं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में जनसंवाद भी आयोजित किया गया था। उस समय सरकार ने आनन फानन में अनुदान जारी कर दिया था। लेकिन उसके बाद फिर वही स्थिति पैदा हो गई है। शिक्षकों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए तय किया गया है कि तीन अगस्त को शिक्षक आनलाइन कक्षाओं से दूरी बनाएंगे। शिक्षक आनलाइन प्रदर्शन करेंगे। फेसबुक, ट्विटर समेत इंटरनेट मीडिया पर विरोध का इजहार करेंगे।

Edited By: Mangal Yadav