नई दिल्ली, जेएनएन। उत्तर प्रदेश कैडर की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी अपर्णा कुमार अब उत्तरी ध्रुव की यात्रा करेंगी। वे इसी वर्ष दक्षिणी ध्रुव की यात्रा कर चुकी हैं। अपर्णा उत्तरी ध्रुव की यात्रा पर जाने वाली पहली पुलिस अधिकारी होंगी। चार अप्रैल को दुनिया के अलग-अलग देशों के नौ लोगों का दल उत्तरी ध्रुव के लिए रवाना हो चुका है। यह दल 13-14 अप्रैल तक उत्तरी ध्रुव पहुंचेगा।

वर्तमान में अर्पणा इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस(आइटीबीपी) में देहरादून में डीआइजी के पद पर तैनात हैं। वे शुरू से ही इस तरह के अभियान में सक्रिय रही हैं। वे इससे पहले माउंट किलीमंजारो (तंजानिया), कारसटेंझ पिरामिड (इंडोनेशिया), माउंट एकोंगुआ (अर्जेटीना), माउंट एलब्रस (रूस) और माउंट मानसालू (नेपाल) भी फतह कर चुकी हैं, जबकि इसी वर्ष जनवरी में उन्होंने दक्षिणी पोल की यात्रा कर वहां भारतीय ध्वज और आइटीबीपी का झंडा फहराने में सफल रही थीं।

भारतीय पुलिस सेवा की इस जांबाज अधिकारी की दक्षिण पोल की यात्रा काफी दुरूह थी। इस दौरान उनका वजन पांच किलो तक कम हो गया। उत्तरी ध्रुव की यात्रा इससे भी चुनौतीपूर्ण है। इस अभियान के तहत दल के सभी सदस्यों को 40 डिग्री से कम ठंड में रोजाना आठ घंटे यात्रा करनी होगी। इस दौरान 15 किलो वजन लादकर स्कीइंग करते हुए सभी को 40 किलो वजन की स्लेज खींचते हुए 111 मील की दूरी तय करनी होगी। इसके लिए अपर्णा कुमार ने देहरादून में कड़ा प्रशिक्षण लिया है।

पांच सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने अपनी क्षमता बढ़ाने के साथ ही डाइट चार्ट का सख्ती से पालन किया। इस दौरान उन्होंने छुट्टी के दिन का भी पूरा सदुपयोग किया और देहरादून और मसूरी की पहाड़ियों पर शरीर पर 15 से 20 किलो तक का वजन लेकर चढ़ने का कठिन अभ्यास पूरा किया।

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