नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। रस्सी जल गई, लेकिन बल नहीं गया। यह मुहावरा टीवी क्राइम शो 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' के निर्माता सुहैब इलियासी पर सटीक बैठता है। बुधवार को सुहैब को पत्नी अंजू की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट में सजा सुनाई जानी थी। दोपहर दो बजे कोर्ट नंबर 317 में लोगों का हुजूम था।

सुहैब ने दिखाया विक्ट्री साइन 

कोर्ट रूम के एक कोने में मृतक अंजू की बूढ़ी मां जज की कुर्सी की ओर टकटकी लगाए इंतजार में बैठी थीं। आखिरकार वो वक्त आ गया जब 17 साल बाद उनकी बेटी की हत्या के दोषी को सजा होनी थी। दोपहर 2.10 बजे जज संजीव कुमार मल्होत्रा अपनी कुर्सी पर बैठे। पुलिस 2.13 बजे लिफ्ट से सुहैब को कोर्ट की तीसरी मंजिल पर लेकर आई। जब पुलिसकर्मी उसे कोर्ट रूम में लेकर जा रहे थे, उस समय उसके चेहरे पर बिल्कुल भी मायूसी नहीं थी। जिस तरह नेता चुनाव जितने के बाद खुशी में अंगुलियों से विक्ट्री (जीत) का साइन दिखाते हैं, उसी तरह सुहैब ने विक्ट्री साइन दिखाया।

अंजू की मौत का दुख है

दैनिक जागरण के संवाददाता ने जब उससे पूछा कि रस्सी जल गई, लेकिन बल नहीं गया। कोर्ट ने आपको पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया है, कुछ देर बाद सजा सुनाई जाएगी। इस पर सुहैब ने कहा कि वह निर्दोष है, अगर उसे सजा हो भी जाती है तो वह उच्च न्यायालय में इसके खिलाफ अपील करेगा। जब उससे पूछा गया कि उसे पत्नी की हत्या का बिल्कुल भी अफसोस नहीं है? तो उसने कहा कि वह अंजू की मौत से बहुत दुखी है। 2:15 बजे उसे कोर्ट रूम में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे सख्त सजा सुनाई। 

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Posted By: Amit Mishra

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