नई दिल्ली [लोकेश चौहान]। पंजाब और हरियाणा में लगातार पराली जलने और दिवाली पर पटाखे फोड़ने के चलते दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते करोड़ों लोग परेशान हैं वहीं, पर्यावरण में घुलते प्रदूषण के जहर से जहां सामान्य लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस बाबत दमा और श्वास रोगियों को और भी अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

पद्मश्री केके अग्रवाल ने इजाद किया प्यूरीफायर

स्मॉग और लगातार बढ़ते प्रदूषण का प्रभाव घरों के अंदर भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में घरों के अंदर की हवा को बेहतर करने के लिए 500 रुपये खर्च करके एयर प्यूरीफायर बना दिया पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल ने। उन्होंने कागज के गत्ते, टेप, एग्जास्ट फैन और .3 फिल्टर के जरिये इस एयर प्यूरीफायर को बनाया है। यह एयर प्यूरीफायर हवा को उसी तरह से साफ करता है, जैसे बाजार में बिकने वाले एयर प्यूरीफायर कर रहे हैं। दोनों में अंतर सिर्फ दो चीजों का है। पहला, यह हाथ से बनाया गया और दूसरा, यह केवल पांच सौ रुपये खर्च करके बनाया जा सकता है।

डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि लगातार बढ़ते प्रदूषण में भी सिर्फ मास्क बांटने या मास्क लगाने से कुछ नहीं होगा। जरूरत हवा की गुणवत्ता को बढ़ाने की है। वहीं, घरों के अंदर की प्रदूषित हवा को बेहतर करने के लिए जहां एयर प्यूरीफायर का प्रयोग किया जा रहा है, जिसे खरीदना सभी के बस की बात नहीं है।

लोगों को सस्ती सेवाएं, विशेष रूप से उनके स्वास्थ्य से जुड़ी सेवा को सस्ती दर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस एयर प्यूरीफायर को बनाने का कार्य शुरू किया गया था। इसे बनाना जितना आसान है, उतना ही आसान, इसका प्रयोग करना है।

ऐसे करें इस्तेमाल

  • इसमें सिर्फ .3 फिल्टर को बार-बार बदलना पड़ेगा, क्योंकि यह इसका एकमात्र हिस्सा है, जो बाजार से लेना होगा।
  • इसमें धूल व धुएं के कण जमा होने पर इसे बदलना होगा।
  • गत्ते के डिब्बे में एग्जास्ट फैन लगाने के बाद उसके दो तरफ हवा के आने और जाने का रास्ता बनाना होगा।
  • एक तरफ साफ हवा के लिए .3 फिल्टर लगाना होगा और दूसरी तरफ को खुला रखना होगा। जिससे .3 फिल्टर हवा को एग्जास्ट फैन से आने वाली हवा को साफ करके घर के प्रदूषण को खत्म कर सके।

स्कूली में मॉडल के तौर प्रोत्साहित हो

वहीं, उनका कहना है कि यह घर में प्रयोग किए जाने के लिए सबसे सस्ता एयर प्यूरीफायर है। जो दमा और श्वास रोगियों के लिए हितकारी होगा। वहीं, इसका प्रयोग स्कूलों में विज्ञान के बच्चों के लिए मॉडल के तौर पर किया जाना चाहिए, जिससे बच्चे इसमें नए सोच को शामिल करके इस तरह के और भी उत्पाद बना सकें। उन्होंने बताया कि इस एयर प्यूरीफायर को बनाने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला है। जिससे लोग स्वयं इसे घर में बनाकर घर व ऑफिस में प्रयोग कर सकें।

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Posted By: JP Yadav

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