नई दिल्ली, जेएनएन। लगातार बढ़ते रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल के दामों के विरोध में भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को शास्त्री भवन स्थित पेट्रोलियम मंत्रालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।

प्रदर्शनकारियों के साथ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत भी थीं। उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कोरोना काल में लोग पहले से ही परेशान हैं लेकिन डीजल-पेट्रोल के साथ रसोई गैस के लगातार बढ़ते दामों ने लोगों की कमर तोड़ दी है। 

प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बस में बैठाकर पुलिस थाने ले गई है। बताया जा रहा है कि यहां पर कुछ देर के बाद इन्हें छोड़ दिया जाएगा। 

एक महीने में 125 रुपये बढ़े दाम

बता दें कि एलपीजी सब्सिडी खत्म होने के बाद अब कीमतें बेलगाम होने लगी हैं। सोमवार को एक बार फिर से सरकारी तेल कंपनियों ने सभी तरह की रसोई गैस की कीमतों में 25 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दिया है। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में एक महीने में 125 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई है। दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 819 रुपये हो गई है। दिल्ली में गैर-सब्सिडी वाले 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,614 रुपये हो गई है।

सीएनजी और पीएनजी के भी दाम बढ़े

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने सीएनजी के दामों में प्रति किलो 70 पैसे की वृद्धि की है। वृद्धि के साथ नई दिल्ली में सीएनजी का भाव 43.40 रुपये व नोएडा, ग्रेनो व गाजियाबाद में यह 49.08 रुपये प्रति किलो हो गया है।

पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाने की तैयारी

वहीं, वित्त मंत्रलय पेट्रोल और डीजल पर टैक्स घटाने के बारे में विचार कर रहा है, ताकि आम ग्राहकों पर बोझ घटाया जा सके। इस विमर्श में शामिल तीन सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। सूत्रों का कहना था कि वित्त मंत्रलय ने कुछ राज्यों, पेट्रोलियम मंत्रलय और तेल कंपनियों से बातचीत शुरू की है, ताकि राजस्व पर बड़ा बोझ डाले बगैर ईंधन के दामों में कमी की जा सके। पिछले 10 महीनों में कच्चे तेल का दाम दोगुना हो गया है, जिसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल के भाव पर दिख रहा है। पिछले एक वर्ष में सरकार पेट्रोल और डीजल पर दो बार टैक्स बढ़ा चुकी है।

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