नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Heart Attacks In India: नियमित जीवन और तनाव मुक्त जीवन शैली ही हृदय रोग से बचने का कारगर तरीका है। यह कहना है जीबी पंत अस्पताल में कार्डियोलाजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. साइबल मुखोपाध्याय का। उन्होंने कहा कि लोगों को हृदय रोग से बचाव के बारे में जागरूक करने के बावजूद हार्ट अटैक के मामलों में हर साल बढ़ोतरी हो रही है। 

गलत जीवनशैली भी बनी हृदय रोगों की वजह

डा. साइबल मुखोपाध्याय ने इसके कारणों का खुलासा करते हुए कहा कि लोग काम के दबाव में नियमित और तनाव मुक्त जीवन नहीं जी पा रहे हैं। न समय से सोना और न खाना होता है। इसकी वजह से भी हृदय रोगियों की संख्या में बड़ी तेजी से इजाफा हो रहा है। 

कोरोना काल के बाद बढ़े हृदय रोगी

दिल्ली में स्थित मेदांता मूलचंद हृदय संस्थान के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. एच के चोपड़ा ने बताया कि कोरोना काल के बाद से युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया में हर साल करीब एक करोड़ 79 लाख लोगों की मौत हृदय से संबंधित बीमारियों से होती है।

देश में हर साल 25 लाख मौत हार्ट अटैक से

एचके चोपड़ा ने बताया कि शहरी आबादी में युवाओं में धमनियों की ब्लाकेज से होने वाले हार्ट अटैक का आंकड़ा 14 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में आठ प्रतिशत है। नशे की बुरी आदत के कारण भी 30 से 40 साल की उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देश में हर साल 25 लाख लोगों की मौत हार्ट अटैक से होती है।

शराब के सेवन से बचें लोग

उधर, डा. मुकेश बत्रा ने कहा कि स्वस्थ हृदय के महत्व को समझना सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। धूम्रपान और शराब के सेवन से बचना चाहिए।

डा. मुकेश बत्रा ने बताया कि ध्यान रखना चाहिए कि आहार कोलेस्ट्राल के अधिक सेवन से हृदय रोग हो सकता है। हृदय रोग की रोकथाम के लिए प्रत्येक व्यक्ति को भोजन में कोलेस्ट्राल की मात्रा 300 मिलीग्राम से कम तक सीमित रखनी चाहिए।

होम्योपैथी भी है कारगर

मूल कारण का इलाज करके होम्योपैथी भी हृदय के कामकाज को प्रभावी ढंग से बढ़ा सकती है और कुछ पुरानी बीमारियों की प्रगति को धीमा कर सकती है।

उधर, डा. चंचल शर्मा के अनुसार महिलाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं इसका कारण भी अनियमित और तनावपूर्ण जीवन शैली है। शहरों में एकल परिवार का चलन बढ़ने और पति-पत्नी दोनों के नौकरी करने के कारण घर व आफिस दोनों के काम का बोझ तनाव को बढ़ाता है। इसको दूर करने के लिए लोग शराब और सिगरेट का सेवन करने लगते हैं, जो हृदय रोग का कारण बन जाता है। 

Weather Forecast: क्या आ गया छतरी को घर पर रखने का समय? पढ़िये- बारिश को लेकर मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान

दिल्ली में आठ साल की बच्ची को दुष्कर्मी से हुआ HIV, महिला आयोग ने दिल्ली सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग

Edited By: JP Yadav

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट