नई दिल्ली, (स्वदेश कुमार)। दहेज उत्पीड़न के केस में झूठा दावा करना एक परिवार को भारी पड़ गया। परिवार ने दावा किया था कि शादी में उनके करीब 50 लाख रुपये खर्च हुए। इस संबंध में उन्होंने कोर्ट में हलफनामा भी दिया। इस मामले की जानकारी जब आयकर विभाग को हुई तो उसने भी जांच की। जांच में आय से करीब 12.44 लाख रुपये अधिक राशि का पता चला। आयकर विभाग ने अब परिवार से इस राशि पर ब्याज और जुर्माने के साथ कुल करीब 23 लाख रुपये विभाग में जमा कराने का नोटिस परिवार को भेजा है। यह जानकारी आयकर विभाग से आरटीआइ के तहत मिली है।

शादी के बाद दर्ज कराया दहेज उत्‍पीड़न का मामला
जानकारी के मुताबिक, यमुना विहार में रहने वाली प्रभा शर्मा की बेटी साची की शादी समाचार अपार्टमेंट, मयूर विहार फेज-1 निवासी केके शर्मा के साथ हुई थी। 2014 में साची ने केके शर्मा के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का केस दर्ज कराया था। यह मामला कोर्ट में चला गया। साची ने कोर्ट में हलफनामा देकर बताया कि उनकी मां ने शादी में करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे। इसमें 10 लाख के गहने भी शामिल थे।

कोर्ट में जमा कराया गहनों का बिल
गहनों के बिल भी जमा कराए गए। केके शर्मा ने आरटीआइ अर्जी लगाकर पुलिस से बिल की कॉपी मांगी। इन कॉपी के साथ उन्होंने आयकर विभाग में शिकायत की। आयकर विभाग ने जांच की तो पता चला कि बिल शाहदरा के एक ज्वेलर ने फर्जी बनाए थे। आयकर विभाग ने तब ज्वेलर पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया और बाद में फर्जी बिल का केस भी किया गया। यह मामला भी कोर्ट में चल रहा है।

पति ने आयकर विभाग में की शिकायत
इसके बाद सितंबर, 2015 में केके शर्मा ने आयकर विभाग में प्रभा शर्मा और साची के खिलाफ शिकायत दी। आयकर विभाग ने पूरे मामले की जांच की। इसमें पता चला कि प्रभा शर्मा के पति की पेंशन से 2012 में कुल आय 1.68 लाख रुपये थी। इसके बाद शादी के खर्च का ब्योरा मांगा तो इसमें साची की आय और अन्य स्त्रोतों से मिली आय का जिक्र किया गया, लेकिन परिवार 45.85 लाख रुपये के खर्च का ही ब्योरा दे पाया।

नहीं दे पाया 10 लाख का बिल
इसमें भी करीब 10 लाख रुपये के खर्च का बिल परिवार प्रस्तुत नहीं कर पाया। केके शर्मा ने आयकर विभाग से आरटीआइ के जरिये इस मामले की जांच और कार्रवाई का ब्योरा मांगा। 29 जुलाई को दिए जवाब में आयकर विभाग ने कुल 13.80 लाख रुपये की अतिरिक्त आय बताई। इसमें प्रभा शर्मा की 2012 की आय निकालने के बाद भी कुल 12.44 लाख रुपये की अघोषित आय का पता चला है। आयकर विभाग ने इस अघोषित आय के साथ सात साल के ब्याज और जुर्माने भी लगाते हुए परिवार से करीब 23 लाख रुपये विभाग में जमा कराने का नोटिस जारी कर दिया है।

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