नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। रात्रि कर्फ्यू को लागू हुए अभी तीन ही दिन हुए है पर कर्फ्यू पास प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन को दस हजार से भी अधिक लोगों के आवेदन प्राप्त हो चुके है। लोग घर से बाहर निकलने के लिए बैचेन हो रहे है, इसलिए कर्फ्यू पास प्राप्त करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे है। लोग कर्फ्यू पास को रात बजे के बाद घर से बाहर घूमने-फिरने का लाइसेंस समझ रहे हैं। लोगों के मिजाज को भांपते हुए प्रशासन भी कर्फ्यू पास जारी करते समय खासी सतर्कता बरत रहा है। पर जिस हिसाब से आवेदनों की बाढ़ जिले में आई हुई है, उसे देखते हुए अधिकारियों के भी पसीने छूट रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि केवल उन्हीं लोगों को कर्फ्यू पास जारी किया जाएगा, जो सरकारी दिशानिर्देश का पालन सुनिश्चित करेगा।

व्यक्ति की पहचान करने में प्रशासन के छूटे पसीने

दक्षिण-पश्चिमी जिले में एसडीएम हेडक्वार्टर पीयूष मोहन्ति ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तक जिले को 18,018 लोगों के कर्फ्यू पास बनवाने के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके है। जिसमें से 2,315 लोगों को ही कर्फ्यू पास जारी किया गया। 7,990 आवेदन को खारिज कर दिया गया है। मनोरंजन क्षेत्र में काम करने वाले भी कर्फ्यू पास के लिए आवेदन दे रहे हैं। जबकि ये आवश्यक सेवाओं का हिस्सा नहीं है। सरकारी निर्देश में इनका कहीं कोई जिक्र नहीं है।

कागजात उपलब्ध कराने के बजाय विजिटिंग कार्ड कर रहे अटैच

कर्फ्यू पास के लिए आवेदन देते समय पहचान पत्र के साथ किस काम लिए कर्फ्यू पास की जरूरत है उससे जुड़े कागजात उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। पर अधिकांश लोग कर्फ्यू पास क्यों चाहिए उससे जुड़े कागजात उपलब्ध कराने के बजाय पहचान पत्र या विजिटिंग कार्ड को अटैच कर रहे है। कागजी कार्यवाही पूरी नहीं होने के कारण अधिकांश लोगों का आवेदन खारिज किया जा रहा है।

कारण बताना है जरूरी

आवेदन देते हुए लोगों को चाहिए कि वे ऐसे कागजात प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जिससे प्रशासन को पता चले कि आखिर उस व्यक्ति का रात दस बजे के बाद घर से बाहर निकलना आखिर क्यों जरूरी है। पश्चिमी जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि रात्रि कर्फ्यू का मूल उद्देश्य लोगों की आवाजाही पर ब्रेक लगाना है, ताकि संक्रमण के प्रसार में कमी लाई जा सके।

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8,252 आवेदन खारिज

जिले में बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक 8,252 आवेदनों को खारिज किया जा चुका है। आवेदन की आई बाढ़ को मद्देनजर रखते हुए जिले में एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसका लक्ष्य है एक मिनट में सरकारी निर्देश को ध्यान में रखते हुए 15 आवेदनों की जांच कर उन्हें पारित या खारिज करना। कई लोग तो टीकाकरण कराने के बहाने ही ई-पास जारी करवा रहे है।

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