नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। देश के सबसे बड़े मनोचिकित्सा केंद्र मानव व्यवहार व संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) भी काेरोना से जंग के लिए मैदान में उतर चुका है। अस्पताल के मनोचिकित्सक अब 24 घंटे मरीजों या संदिग्ध मरीजों के मनोबल को बढ़ाने के लिए काम करेंगे। इसकी शुरुआत मंगलवार को कर दी गई।

कोरोना से डरे हुए लोगों का होगा मानसिक इलाज 

दंगों के दौरान स्थाित क्राइसिस सपोर्ट एंड काउंसिलिंग सेंटर में अब कोरोना से डरे हुए लोगों का मानसिक इलाज किया जाएगा। हालांकि क्वारंटाइन किए गए लोगों या अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज को ऑनलाइन ही यह सुविधा मिल पाएगी। अन्य लोगों के यह इमरजेंसी विभाग में आकर मनोचिकित्सक से सलाह ले सकते हैं। 

क्‍वारंटाइन और आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों को मिलेगी सुविधा
अस्पताल के निदेशक निमेष जी देसाई ने बताया कि घर या सेंटर क्वारंटाइन के साथ अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों को इसी सेंटर से सलाह दी जाएगी। इसके लिए मरीजों के पास जरूरत नहीं है।
 
सवाल-जवाब के आधार पर होगा मानसिक स्थिति का आंकलन
सवाल-जवाब के आधार पर उनकी मानसिक स्थिति का आंकलन किया जाएगा और सुझाव दिए जाएंगे। इसके लिए अस्पताल ने लैंडलाइन और मोबाइन नंबर जारी कर दिए हैं। इसके साथ ईमेल भी किया जा सकता है।
 
मरीज ऐसे ले सकते हैं सुविधा का  लाभ
स्काइप आइडी के जरिये मरीज वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़ सकते हैं। लेकिन इसके लिए मरीज को पहले से समय लेना होगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल मेंटल हेल्थ यूनिट भी शुरू करने की तैयारी है, जो जरूरत पड़ने पर कहीं भी पहुंच सकती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सीमित ओपीडी भी चालू रहेगी। मनोरोग और तंत्रिका रोगों के लिए 24 घंटे इमरजेंसी विभाग चालू रहेगा। 
 
यह है हेल्‍पलाइन नंबर
टेलीफोन नंबर : 011-22574820 
मोबाइल नंबर : 9868396841
ईमेल आइडी : csccihbas@gmail.com
स्काइप आइडी : CSCC IHBAS
 

Posted By: Prateek Kumar

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