नई दिल्ली, जेएनएन। पेट्रोल-डीजल के वैट में कमी नहीं करने पर पेट्रोल पंप संचालकों ने एक बार फिर दिल्ली सरकार को हड़ताल की चेतावनी दी है। संचालकों ने 22 अक्टूबर को 24 घंटे की हड़ताल करने की घोषणा की है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के 400 से अधिक पेट्रोल पंप शामिल होंगे। यदि यह हड़ताल हुई तो सुबह 6 बजे से अगली सुबह 6 बजे तक पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।

चैम्सफोर्ड क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (डीपीडीए) के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने कहा कि पूर्ववर्ती शीला दीक्षित सरकार में पेट्रोल पर वैट दर 20 फीसद व डीजल पर 12.50 फीसद था, जिसे मौजूदा सरकार ने बढ़ाकर क्रमश: 27 फीसद व 16.75 फीसद कर दिया है। अभी दिल्ली सरकार पेट्रोल से 17.56 रुपये व डीजल से 10.76 रुपये प्रति लीटर वैट वसूल रही है।

वैट दरों में कटौती
भाजपा शासित पड़ोसी राज्यों में वैट दरों में कटौती से दरें कम हुई हैं। इसलिए दिल्ली में पेट्रोल की बिक्री 20 फीसद व डीजल में 30 फीसद की कमी आई है। आने वाले समय में बिक्री में कमी और बढ़ सकती है। इससे उनका कारोबार तो प्रभावित होगा ही, दिल्ली सरकार का राजस्व भी घटेगा।

वैट कटौती के लिए तैयार नहीं दिल्ली सरकार, 22 अक्टूबर को बंद रहेंगे पेट्रोल पंप

पर्यावरण को भी नुकसान
वहीं, प्रवक्ता अतुल पेशवरिया ने कहा कि दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की बिक्री घटने से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। दिल्ली में यूरो 6 मानक पेट्रो पदार्थ मिलता है, जबकि पड़ोसी राज्यों में यूरो-4 मानक का पेट्रो पदार्थ। यूरो-4 मानक के पेट्रो पदार्थ से ज्यादा प्रदूषण होता है। महासचिव अनिल बिजलानी ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार वैट दर घटा देती है तो हड़ताल नहीं की जाएगी, वरना एक दिन की हड़ताल के बाद अगले आंदोलन पर भी विचार किया जाएगा।

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