नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। पिछले तकरीबन एक महीने से जारी लॉकडाउन का असर देश की राजधानी दिल्ली में दिखाई देना लगा है। वहीं, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन जल्द खत्म करने को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने इशारा किया है कि दिल्ली जैसे कोरोना वाले शहरों में लॉकडाउन अभी छह से आठ हफ्ते और बरकरार रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, राजधानी दिल्ली के हालात में लगातार सुधार हो रहा है। 22 अप्रैल को कोरोना संक्रमितों की जो दर 36 फीसद तक पहुंच गई थी, फिलहाल गिरकर 12 फीसद पर आ गई है। इसको लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 10 हज़ार से कम केस आए। सख्त लॉकडाउन और दिल्ली वालों के अनुशासित आचरण से ये संभव हो पाया, इसलिए अभी भी कोई ढिलाई नहीं बरतनी है। अरविंद केजरीवाल का इशारा समझें तो दिल्ली में अगले एक सप्ताह यानी 24 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है।

वहीं, डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मानें तो लॉकडाउन की वजह से कोरोना के मामले में तेजी से कमी आई है और अगर इसे कुछ दिन बढ़ा दिया गया तो हालात काबू में आ जाए। इसका असर हमारी स्वास्थ्य सेवाएं पर भी अन्य रूप में पड़ेगा। संभव है कुछ दिनों के दौरान कोरोना के कम मामलों के चलते मरीजों को आसानी से बेड भी मिलने लगें। बता दें कि दिल्ली में संक्रमण दर करीब 36 फीसद तक पहुंच गई थी जो अब गिरकर 12 फीसद तक आ गई है।

ICMR के निदेशक बोले, दिल्ली में लॉकडाउन से मिलेगी और राहत

वहीं, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव पिछले दिनों एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाने के लिए अधिक केस वालों जिलों में लॉकडाउन अभी छह से आठ हफ्ते और बरकरार रहना चाहिए। जिन जिलों में पाजिटिविटी रेट 10 फीसद से ज्यादा है वहां तो लॉकडाउन रहना ही चाहिए। डॉ. बलराम भार्गव ने सबसे अधिक कोरोना वायरस से प्रभावित शहरों में शुमार देश की राजधानी दिल्ली को लेकर कहा है कि अगर राजधानी को खोल दिया जाए तो यह एक अनर्थ होगा।

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