नई दिल्ली, जागरण संवादाता। नवजात के लिए उनकी मां का दूध ही सबसे पौष्टिक और रोगों से लड़ने की शक्ति देने वाला आहार है। कोरोना महामारी के दौर में शिशु को स्तनपान कराते समय मां को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत डाबड़ी स्थित दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत डॉ. अंजाना ने गर्भवती महिलाओं व शिशु को जन्म दे चुकी मां को बताया कि शिशु को स्तनपान कराने से पूर्व व बाद में मां के लिए जरूरी है कि वह ठीक से हाथों को साफ करें। साथ ही मुंह पर मास्क हर हाल में लगाएं। यदि मां को खांसी, जुकाम व बुखार की शिकायत है तो वह तुरंत चिकित्सीय परामर्श ले और कोरोना संक्रमण की जांच कराए। जरा सी लापरवाही शिशु के लिए खतरा हो सकती है।

सावधानी न बरतने से मां के मुंह, छींक, खांसी से निकले सूक्ष्म नम कण बच्चे में पहुंचकर उसे संक्रमित कर सकते हैं। बच्चे को छूने या गोद लेने से पहले और बाद में भी हाथों को साफ करना जरूरी है। बच्चे के आसपास पड़ी चीजों को समय-समय पर सैनिटाइज जरूर करें। बच्चे के शौच, मूत्र, नाक के गंदे कण आदि को साफ करने से पहले भी अपने हाथ धोएं। साथ ही रूई, साफ कपड़े या नैपकिन का प्रयोग करें और उसे तुरंत कूड़ेदान में फेंक दे। अपने बच्चे को घर से बाहर ले जाने से बचे और ज्यादा लोग शिशु को गोद में न ले इस बात का ध्यान रखे। हर साल की तरह इस साल भी विश्व स्तनपान सप्ताह पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अस्पताल परिसर में लगी एलइडी स्क्रीन पर भी लगातार इस दिशा में जागरूक किया जा रहा है।

अस्पताल के चिकित्सा अधिक्षक डॉ. बृजेश कुमार व अतिरिक्त चिकित्सा अधिक्षक डॉ. दीपमाला ने वार्ड में भर्ती उन महिलाओं को बधाई दी जिन्होंने इस एक सप्ताह के दौरान शिशु को जन्म दिया है। साथ ही महिलाओं को बताया कि मां के दूध में जरूरी पोषक तत्व के साथ ही एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जिससे शिशुओं के संपूर्ण शरीर का विकास होता है। स्तनपान से मां को स्तन कैंसर की संभावना नहीं रहती है। मां को बच्चे को करीब 15 मिनट तक स्तनपान कराना चाहिए, ताकि दो-तीन घंटे तक बच्चे को भूख का अहसास न हो। करीब छह माह तक मां के दूध के अलावा बच्चे को ऊपरी चीजें जैसे पानी, शहद, दूध, सब्जी का पानी आदि देने से बचना चाहिए। छह माह के बाद बच्चे को दाल का पानी, तरल पदार्थ दे सकते है, लेकिन दो साल तक बच्चे को स्तनपान जरूर कराए। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान समन्वयक अधिकारी सुनील शर्मा व स्वाति ने महिलाओं को ठीक से हाथ साफ करने के गुर के बारे में जागरूक किया।

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