नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली में सीलिंग की मार से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। आठ साल से बंद पड़े घरेलू लाइसेंस जारी करने का फैसला दक्षिणी निगम ने लिया है। इसके लिए निगम की स्थायी समिति ने घरेलू/सेवा श्रेणी उद्योगों के लाइसेंस जारी करने/नवीनीकरण की ऑनलाइन स्वीकृति की नीति को मंजूरी दे दी। 2010 में मास्टर प्लान में संशोधन के कारण लाइसेंस जारी करने पर पाबंदी लगा दी गई थी।

स्थायी समिति की अध्यक्ष शिखा रॉय ने बताया कि लाइसेंस की मंजूरी और नवीनीकरण के लिए मास्टर प्लान 2021 के प्रावधान और नियम लागू होंगे। इसके तहत किसी भी स्वीकृत मंजिल के 50 फीसद क्षेत्रफल में 112 किस्म के घरेलू उद्योग लगाने के लिए 5 किलोवाट का बिजली कनेक्शन लेना होगा और इसमें पांच लोग काम कर सकेंगे। इससे पूर्व वर्ष 2010 तक केवल भूतल पर 25 फीसद क्षेत्र में घरेलू उद्योग लगाए जा सकते थे, मगर अब किसी भी तल पर 50 फीसद क्षेत्र में घरेलू उद्योग लगाया जा सकेगा।

इसके लिए मालिक का उसी स्थान पर रहना आवश्यक होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदूषण फैलाने, खतरनाक या आग पकड़ने वाला सामान नहीं रखते हैं। सिंगल फेज बिजली का कनेक्शन भी लेना अनिवार्य होगा। जेनरेटर लगाना निषेध है। लाइसेंस एक वित्तीय वर्ष के लिए वैध होगा, जिसे प्रतिवर्ष रिन्यू कराना होगा। केवल जनता फ्लैट में इनकी अनुमति होगी। ये घरेलू उद्योग सुबह 8 से शाम 6 बजे के बीच काम कर सकेंगे।

इस तरह के उद्योग हो सकेंगे शुरू

एलोपैथिक दवाओं को छोड़कर अन्य दवायें, अगरबत्ती, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सिलाई मशीन, टाइपराइटर, आटा चक्की, बिस्कुट आदि, मोमबत्ती, मिठाई, पटसन उत्पाद, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, यूपीएस, पीवीसी, उत्पाद, खादी, हथकरघा, फोटोसेटिंग, पान मसाला, जरा जरदोजी, खिलौने। इसके अलावा नौ किस्म के घरेलू उद्योग जैसे प्लास्टर ऑफ पेरिस, क्ले उत्पाद, लकड़ी नक्काशी आदि ग्रामीण आबादी में भी स्वीकृत हैं।

Posted By: JP Yadav

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