नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। गुजरात कैडर के आइपीएस राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने वाले वकील ने अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया है। इस पर एक-दो दिन के दौरान सुनवाई हो सकती है। राकेश अस्थाना ने बतौर दिल्ली पुलिस आयुक्त कार्यभार संभालने के साथ एक्शन में भी आ गए हैं। राकेश अस्थाना का कार्यकाल दिल्ली में पूरे एक साल के लिए होगा।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वकील एमएल शर्मा से कहा कि अगर रजिस्ट्री ने नंबर आवंटित कर दिया है तो उनकी याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। माना जा रहा है कि शुक्रवार से पहले इस पर सुनवाई हो सकती है। एमएल शर्मा ने इस याचिका के बाबत बताया कि मैंने राकेश अस्थाना की नियुक्ति के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील से कहा है कि यदि इसे नंबर आवंटित हो गया है तो हम इसकी सुनवाई के लिए तारीख तय करेंगे।

वकील एमएल शर्मा द्वारा दायर याचिका के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति के प्रमुख प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री ने संयुक्त रूप से फैसला किया तथा अस्थाना को दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह प्रकाश सिंह मामले में शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ है।

एमएल शर्मा ने अपनी याचिका में कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले के अनुसार, पुलिस आयुक्त/डीजीपी के रूप में नियुक्ति से पहले व्यक्ति की कम-से-कम तीन महीने की सेवा शेष होनी चाहिए। 1984 बैच के आइपीएस अधिकारी अस्थाना को 27 जुलाई को दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति 31 जुलाई को उनकी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले हुई थी।

Edited By: Jp Yadav