नई दिल्ली, एएनआइ। राजधानी दिल्ली के निजी अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को पीपीई किट और मास्क नहीं मुहैया कराए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका (Public Interest Litigation) पर सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के संबंधित अधिकारियों को जवाब देने के लिए तलब किया है।  बता दें कि अस्पतालों में नर्सों और हेल्थकेयर वर्कर्स को पीपीई किट उपलब्ध नहीं होने के चलते मौत के मामले में दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है। 

पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत हुए वकील मनोज वी. जॉर्ज (Lawyer Manoj V. George) ने पक्ष रखते हुए कहा था कि स्वास्थ्यकर्मियों को भी उतना ही खतरा उठाना पड़ रहा है, जितना डॉक्टरों को।

वकील ने मांग रखते हुए याचिका के पक्ष में कहा कि डॉक्टरों के साथ नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी उतनी ही सुरक्षा की जरूरत है। ऐसे में इन्हें भी पीपीई समेत अन्य दूसरे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की जरूरत है।हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता से नर्सों और हेल्थकेयर वर्कर्स की सुरक्षा के लिए उपाय सुझाने का निर्देश दिया था।

गौरतलब है कि बड़ी संख्या में दिल्ली के अस्पतालों के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ के अलावा यहां पर कार्यरत अन्य कर्मचारी कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। पिछले दिनों एक निजी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर असीम गुप्ता की कोरोना वायरस से जान भी जा चुकी है। ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों की चिंता स्वाभाविक है। 

दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट दोनों की संख्या को शामिल कर लिया जाए तो सैकड़ों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मी कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंचने वाला है, ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों का सुरक्षा प्राथमिकता में होनी चाहिए।

 

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