नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। ओमिक्रोन वैरिएंट के बढ़ते संक्रमण से परेशान देश की राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए राहत भरी खबर आ रही है। पिछले कुछ दिनों से कोरोना के नए मामलों में कमी के बीच प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल (आइआइटी कानपुर) का कहना है कि दिल्ली ही नहीं बल्कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी कोरोना का पीक जा चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से गिरावट देखने को मिल सकती है। आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का मानना है कि दिल्ली के साथ-साथ मुंबई और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी कोरोना की तीसरी लहर का पीक (चरम) बीत चुका है। प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक, दिल्ली में 15 जनवरी को कोरोना की तीसरी लहर का चरण (पीक) था। यह पीक वैल्यू माडल की भविष्यवाणी का आधा ही थी। इसी तरह मुंबई में 12 जनवरी को कोरोना का पीक था, जबकि कोलकाता में तो 13 जनवरी को ही कोरोना की तीसरी लहर पीक पर थी।

दिल्ली में तेजी से कम हो सकते हैं कोरोना के मामले

विशेषज्ञों और जानकारों की मानें तो आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल के तर्कों के मुताबिक अगले कुछ दिनों में दिल्ली में कोरोना के नए मामलों में तेजी से गिरावट देखी जाएगी। ऐसा दक्षिण अफ्रीका में आई लहर के आधार पर कहा जा रहा है। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका में तेजी से कोरोना फैला और जल्द ही पीक भी आ गया।   

पद्मश्री से सम्मानित आइआइटी के प्रो. मणींद्र अग्रवाल का यह भी कहना है कि दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर दो दिन बाद 19 जनवरी को ही चरम पर होगी। इसके साथ ही देश में 23 जनवरी को यह लहर चरम पर हो सकती है। बता दें कि दिल्ली से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रो. मणींद्र अग्रवाल गणितीय सूत्र के मुताबिक, नोएडा और गाजियाबाद समेत समूचे उत्तर प्रदेश में तीसरी लहर 19 जनवरी को चरम पर होगी। इस दौरान रोजाना 40 से 50 हजार तक संक्रमण के मामले सामने आ सकते हैं।

Edited By: Jp Yadav