गुरुग्राम [जेएनएन]। रविवार शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। देखते ही देखते पूरी साइबर सिटी अंधेरे की आगोश में समा गई। दिन में ही लोगों को अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर सड़क पर चलने को मजबूर होना पड़ा। आंधी और बारिश का दौर एक साथ शुरू हुआ। आंधी-बारिश लोगों के लिए राहत के साथ-साथ आफत भी लेकर आई। जैसे ही आंधी शुरू हुई गुरुग्राम की बिजली गुल हो गई। इससे काफी देर तक शहर में ब्लैकआउट रहा।

गर्मी ने मिली राहत 

जिन लोगों ने छुट्टी के दिन घर से बाहर जाकर मौज-मस्ती और शॉपिंग की योजना बनाई थी, उन्हें इससे काफी निराशा हुई। वहीं काफी ऐसे भी हैं जिनका कहना है कि लू और प्रचंड गर्मी से इस आंधी-बारिश ने काफी हद तक राहत दिला दी है। दो दिन से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। बारिश के बाद इसमें तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। मौसम का रंग इतने जल्दी बदला कि किसी को इसका अनुमान तक लगाने का मौका नहीं मिला।

थम गई वाहनों की रफ्तार 

आंधी और बारिश शुरू होते ही सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति काफी कम हो गई। बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने अंधड़ से बचने के लिए अपने-अपने वाहनों को साइड में रोक लिया। यही हाल शहर की आंतरिक सड़कों पर भी दिखा। सोहना रोड पर इसके कारण कुछ देर के लिए वाहनों का जाम भी लगा। 

सत्य साबित हुई मौसम विभाग की भविष्यवाणी 

बिजली गुल होने से लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित रही। यह समस्या सेक्टरों, कॉलोनियों और पॉश एरिया में रही। डीएलएफ फेज-2 निवासी सुमित गर्ग का कहना है कि शाम को बिजली जाने से लोगों को पानी नहीं मिला। मौसम विभाग द्वारा शनिवार को ही तूफान और बारिश की संभावना जताई गई थी, जो रविवार को सत्य साबित हुई। गुरुग्राम में शमा साढ़े पांच बजे से तेज बारिश हुई उसके बाद बूंदाबादी काफी देर तक जारी रही।

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