नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। देश की प्रमुख त्रिकोणीय पर्यटन कॉरिडोर दिल्ली-आगरा-राजस्थान में से एक राजस्थान में हिंसक आंदोलन की तपिश से पर्यटन उद्योग झुलसने लगा है। गुर्जर आंदोलन में रेलवे के साथ सड़क परिवहन को निशाना बनाने से दिल्ली से होकर राजस्थान जाने वाले पर्यटक अब केवल हवाई मार्ग के ही सहारे हैं। ऐसे में चंद दिनों में ही 25 से 30 फीसद पर्यटकों ने राजस्थान जाने की बुकिंग स्थगित की है तो वहीं आने वाले दिनों में भी राजस्थान जाने की योजना बनाने से बच रहे हैं।

पहले रेल अब सड़कें भी आंदोलन की जद में
गुर्जर आंदोलन उत्तर भारत के पर्यटन उद्योग के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। सितंबर से मार्च तक के इस पर्यटन मौसम में सर्वाधिक विदेशी पर्यटक भारत आते हैं। वहीं दिल्ली वाले भी घूमने निकलते हैं। राजस्थान में चार दिनों से गुर्जर आंदोलन चल रहा है। पहले रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया गया और अब सड़कें भी आंदोलन की जद में हैं।

मजबूरी में हटा राजस्‍थान का नाम
हालांकि अभी तक पर्यटकों को निशाना बनाए जाने की खबर नहीं है, लेकिन ऐहतियातन पर्यटक राजस्थान जाने की योजना बनाने से बच रहे हैं। बता दें कि राजस्थान पर्यटन उद्योग में अहम स्थान रखता है। एसोचैम (पर्यटन एवं उड्डयन) के चेयरमैन सुभाष गोयल के मुताबिक, गुर्जर आंदोलन से त्रिकोणीय पर्यटन कॉरिडोर को काफी नुकसान पहुंचा है, क्योंकि अब राजस्थान को मजबूरी में हटाना पड़ा है। नई बुकिंग में अब यह नहीं है। जिनकी पहले से बुकिंग है और वे अभी भी जाना चाह रहे हैं तो उन्हें हवाई मार्ग से राजस्थान ले जाया जा रहा है। इसके चलते हवाई यात्रा काफी महंगी हो गई है।

जल्‍द नहीं खत्‍म हुआ आंदोलन तो होगा काफी नुकसान
ऐसे में कई पर्यटक देश के दूसरे हिस्सों की तरफ निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस आंदोलन को जल्द खत्म नहीं किया गया तो इसका ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ट्रैवल ऑपरेटर शैलेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, आंदोलन का असर टूर ऑपरेटरों के अलावा होटल व टैक्सी पर काफी पड़ा है। पूर्व में की गई होटल बुकिंग कैंसल की जा रही है। ऐसा करने वालों में देशी-विदेशी सभी पर्यटक हैं।