नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। प्रदूषण की समस्या को लेकर भाजपा दिल्ली सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है। उसका कहना है कि समस्या हल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सरकार की लापरवाही से दिल्लीवासी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल इसे लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का प्रदूषण के विरूद्ध युद्ध सिर्फ दिखावा है।

मुख्यमत्री वर्ष 2025 तक यमुना साफ करने की बात कही है। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्याहल करने में उन्हें कितने साल लगेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या हल करने के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। पैसे देकर कुछ लोगों के हाथों में ‘प्रदूषण के विरूद्ध युद्ध’ लिखी हुई तख्तियां देकर खड़ा कर दिया जाता है।

इसी तरह से ‘रेड लाइट आन गाड़ी आफ’ अभियान के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाहन को बार-बार बंद व चालू करने से ज्यादा प्रदूषण बढ़ता है। लोगों को एक दिन वाहन नहीं चलाने को कहा जा रहा है। इस तरह के दिखावा से प्रदूषण की समस्या हल नहीं होगी। इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क के नाम पर लोगों से वसूले गए दस हजार करोड़ रुपये प्रदूषण की समस्या हल करने के लिए खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के लिए सारा दोष किसानों को दिया जा रहा है। कहा जा रहा है पराली जलाने से प्रदूषण हो रहा है। इसके विपरीत दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या धूल प्रदूषण औद्योगिक इकाइयों से होने वाला प्रदूषण है जिसे दूर करने के लिए कुछ नहीं किया गया।

Edited By: Prateek Kumar