नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अब शादी जैसे अवसरों को वेस्ट टू वंडर पार्क भी यादगार बनाएगा। लंबे इंतजार के बाद इस पार्क में सोमवार से प्री वेडिंग शूट के साथ ही जन्मदिन उत्सव व ब्रांड शूट आदि की अनुमति होगी। यहां लोगों को शादी की सालगिरह मनाने का भी मौका मिलेगा। दक्षिणी निगम के एक अधिकारी के मुताबिक लोगों में वेडिंग शूट का चलन बढ़ रहा है।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस जगह में दुनिया के अजूबों की प्रतिकृतियां हैं, इसलिए उनके पास चार घंटे के दौरान अलग-अलग फ्रेम और पृष्ठभूमि में तस्वीरें लेने का शानदार विकल्प होगा और यह आय के स्नोत को बढ़ाएगा। अब तक प्री-वेडिंग शूट के लिए 26 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ता है, जिसमें से 10 हजार रुपये वापसी योग्य सुरक्षा राशि है और 15 हजार रुपये बुकिंग शुल्क (जीएसटी को छोड़कर) है और स्वच्छता उद्देश्यों के लिए एक हजार रुपये का शुल्क लिया जाता है। निगम का लक्ष्य शादी के बाद की शूटिंग के लिए दरों को कम कर 18,500 रुपये (जीएसटी को छोड़कर) करना है, जिसमें से 10 हजार रुपये वापस हो जाएंगे।

वेस्ट टू वंडर पार्क में मौजूद चीजें

द कोलोजियम - ओवल शेप में बने रोम के एंपीथिएटर को यहां रीक्रिएट किया गया है। इसमें कार व्हील्स, पिलर्स, गियर, एंगल्स, स्क्वेयर, मेटल पाइप्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और इलेक्ट्रिक पोल्स आदि का इस्तेमाल किया गया है।

स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी- 32 फीट ऊंची इस स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी में पाइप्स, रिक्शा के एंगल्स, इलेक्ट्रिक वायर्स, साइकिल चेन, टॉर्च और मेटल शीट्स का इस्तेमाल किया गया है।

पीसा की मीनार- यूरोप की स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना है थोड़ी झुकी हुई पीसा की मीनार। इस 39 फीट ऊंची मीनार में केबल वायर व्हील्स, ट्रक मेटल शीट्स, चैनल्स, एंगल्स और क्लच प्लेट्स का इस्तेमाल किया गया है।

ताजमहल- ये खुद ही अपना परिचय है। असली ताजमहल से मेल खाता 37 फीट ऊंचा यह ताजमहल यहां दर्शकों के आकर्षण का खास केंद्र है। इसमें नट्स-बोल्ट, साइकिल रिंग्स, ओल्ड यूटेंसिल्स, इलेक्ट्रिक पाइप्स और पुरानी जालियों का इस्तेमाल किया गया है।

क्रिस्ट द रीडीमर- क्रिस्ट द रीडीमर ब्राजील की ऐतिहासिक राष्ट्रीय धरोहर है। इस 25 फीट ऊंचे स्टेच्यू को बनाने में बाइक चेन्स, इलेक्ट्रिक पाइप्स, ऑटोमोबाइल वेस्ट का इस्तेमाल किया गया है।

गीज़ा का पिरामिड- मिस्त्र में गीजा के सबसे पुराने और बड़े पिरामिड को बनाने में 20 साल का समय लगा था जबकि पाइप्स, एंगल्स और ट्रक के मेटल शीट्स से बना यह पिरामिड 80 दिन में बनकर तैयार हुआ।

एफिल टॉवर- एफिल टॉवर को देखने पेरिस नहीं जा सकते तो क्या हुआ, इस 70 फीट की मीनार को देख लें। इसे बनाने में ट्रक, पेट्रोल टैंक्स, एंगल्स आदि का इस्तेमाल किया गया है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari