नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। Railway News:  कोरोना महामारी के दौरान रेल के आधारभूत ढांचा को मजबूत करने के लिए उत्तर रेलवे ने कई कदम उठाए हैं। संरक्षा कार्य में तेजी लाने के साथ ही पटरियों को दुरुस्त करने और सिंग्नल व अन्य कार्य पूरे किए गए, जिससे पांच रेल खंडों की गति सीमा बढ़ सकी है। सबसे ज्यादा फायदा पंजाब के यात्रियों को होगी। जालंधर और लुधियाना से फिरोजपुर के बीच का सफर अब कम समय में पूरा हो सकेगा। पुरानी दिल्ली से साहिबाबाद के बीच भी अब पहले की तुलना में अब ट्रेन तेजी से चलेगी।

उत्तर रेलवे में पांच रेल खंडों पर बढ़ाई गई ट्रेनों की रफ्तार

इस वर्ष अलग-अलग रेल खंड पर कुल 633 किलोमीटर पटरी की गति क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लॉकडाउन में इस काम में तेजी आई है और लगभग 62 फीसद काम पूरा कर लिया गया है। पांच रेल खंडों पर गति सीमा बढ़ाने की अनुमति मिल गई है।

उत्तर रेलवे के महाप्रबधक राजीव चौधरी ने लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अधिकारियों ने उन्हें अपने विभागों के काम काज की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सीमित संख्या में ट्रेनें चल रही हैं। पटरियों पर बोझ कम होने का फायदा उठाते हुए संरक्षा व अन्य कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया गया। मजदूरों की कमी के बावजूद आधारभूत ढांचा को मजबूत करने के लिए काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। 36,440 किलोमीटर रेल पटरी की जांच की गई। 46 किलोमीटर पटरी बदली गई है। बड़े पैमाने पर संरक्षा व अन्य कार्यों की वजह से ट्रेनों की समयबद्धता एक सौ फीसद तक पहुंच गई है। इस समय लगभग सभी ट्रेनें समय पर चल रही हैं।

महाप्रबंधक ने कहा कि कठिन समय में भी बेहतर काम किया जा रहा है। कोरोना महामारी से लड़ने में हरसंभव सहयोग देने के साथ ही सुरक्षित रेल परिचालन के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कोरोना महामारी की स्थिति सुधरने पर उत्तर रेलवे सामान्य तरीके से ट्रेन परिचालन के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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