नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। गणतंत्र दिवस से पहले रविवार को राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। परेड की शुरूआत सुबह 10:20 बजे विजय चौक से हुई। इसके बाद परेड राजपथ व इंडिया गेट से होते हुए मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम तक गई। ठंड और कोहरे को देखते हुए परेड को थोड़ी देर से शुरू करने का निर्णय लिया गया था। वैसे प्रतिवर्ष परेड सुबह नौ बजे शुरू होती थी। कड़ाके की ठंड में भी विभिन्न राज्यों की झांकियों में प्रदर्शित कला व संस्कृति को देखकर दर्शक आनंदित हो गए। वहीं, परेड के दौरान सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान पूरी वर्दी और मैरून बेरेट के साथ राजपथ पर कदमताल करते दिखे। जबकि भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने राफेल, जगुआर, सुखोई-30 एमकेआइ, मिग-29 और टोही विमानों सहित कई लड़ाकू विमानों द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

ऊटों पर सजधज के निकली सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की टुकड़ी ने भी दर्शकों का मनमोहा। इस दौरान सुरक्षा बल के जवानों की 16 टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों से लदे सेना के ट्रक भी परेड में शामिल रहे। वहीं, झांकियों में हरियाणा की झांकी को इस बार खेलों के लिए समर्पित किया गया। वहीं, देवभूमि उत्तराखंड के नाम से प्रदर्शित उत्तराखंड की झांकी दर्शकों के विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के आगे के भाग में हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे को दिखाया गया है। बर्फ से ढकी चोटियों से घिरे, गुरुद्वारे की सुरम्य प्रकृति, जिसमें फूलों की घाटी भी शामिल है।

झांकी के आगे के हिस्से में डोबरा-चांठी ब्रिज को दिखाया गया है। झांकी के मध्य में टिहरी बांध और अंतिम भाग में बद्रीनाथ मंदिर को दिखाया गया है। झांकी के किनारे वाले हिस्से में 12 हजार करोड़ की चारधाम आल वेदर रोड को दिखाया गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों और सरकारी विभागों की झांकियों को भी दिखाया गया। जिसमें डाक विभाग की झांकी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। दर्शकों को परेड देखने में कोई परेशानी न हो इसके लिए राजपथ पर पहली एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं। साथ ही राजपथ के दोनों ओर चित्रकारी भी की गई है। परेड के चलते राजपथ के आस-पास की सड़कों पर यातायात को प्रतिबंधित कर दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया गया।

Edited By: Mangal Yadav